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दूसरी लहर का संकट

अब कोरोना की दूसरी लहर आ गई है। यह पबिछले साल से कहीं ज्यादा घातक असर दिखाने वाली लग रही है, क्योंकि जिस तेजी से मामले दुगने हो रहे हैं।

Coronavirus, COVID-19, India Newsकोरोना वायरस टेस्ट के दौरान महिला का सैंपल लेता हेल्थ वर्कर। (फोटोः पीटीआई)

अब कोरोना की दूसरी लहर आ गई है। यह पबिछले साल से कहीं ज्यादा घातक असर दिखाने वाली लग रही है, क्योंकि जिस तेजी से मामले दुगने हो रहे हैं, वह पिछले साल के मुकाबले दो गुनी ही है। अगर यह चक्र नहीं टूटा तो फिर से देश गहरे संकट में फंस सकता है। लोगों की लापरवाही और टीकाकरण की रफ्तार धीमी होने की वजह से महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात जैसे राज्यों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या और राज्यों के मुकाबले कई गुना तेजी से बढ़ रही है।

इसी के साथ कई राज्यों में कोरोना टीकों के बर्बाद होने की खबरें भी हैरान करने वाली हैं। इससे तो लग रहा है कि जो काम बहुत ही जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, उसमें गोर लापरवाही बरती जा रही है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए देश के हर नागरिक को सरकार के साथ सह.ग करना होगा, बचाव के उपायों का सख्ती से पालन करना होगा, वरना वह दिन दूर नहीं जब देश में फिर से पूर्णबंदी जैसे हालात पैदा हो जाएं।
’चंदन कुमार नाथ, गुवाहाटी

आॅनलाइन ठगी

देश में इन दिनों आॅनलाइन ठगों की भरमार है। कर्ज दिलाने के बहाने ग्राहकों के निजी डेटा चोरी कर ठगी करने वाले गिरोहों का धंधा जिस तेजी से फलफूल रहा है, वह चिंता की बात है। डेटा चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। कंपनियां तत्काल लोन जैसी सुविधाएं देने का वादा करती हैं और इस आड़ में ग्राहकों के बैंक खाते की सारी जानकारी उड़ा लेती हैं। कर्ज के नाम पर बैंक में रखा पैसा निकालने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। ऐसी घटनाओं के शिकार लोगों में कई तो खुदकुशी तक कर बैठते हैं। सरकार को चाहिए कि मोबाइल ऐप के जरिए साइबर धोखाधड़ी और ऐसे अपराधों से निपटने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए।
’कांतिलाल मांडोत, सूरत

सबक का साल

कोरोना काल ने लोगों को बहुत कुछ सिखा दिया है। बीते साल की बात करें तो घर से काम करने की एक नई संस्कृति विकसित हुई, जो कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के लिए एक नया अनुभव रहा। गूगल पर नौकरियों और आॅनलाइन पाठ्यक्रमों के बारे में सबसे ज्यादा तलाश की गई। इससे यह पता चला कि लोगों में सीखने की ललक तो बढ़ी है। जहां एक तरफ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए करते थे, वहीं अब सीखने के लिए ज्यादा कर रहे हैं।

इंडिया डिटरमाइंड प्रोग्राम’ शीर्षक से जारी गूगल की रिपोर्ट बताती है कि 2019 की तुलना में 2020 में इसमें तीस फीसद से ज्यादा उछाल देखने को मिला। लोगों में आए इस बड़े बदलाव में कही भी, कुछ भी सीखना सबसे अहम रहा। इसी तरह बड़ी संख्या में लोगों ने आमद बढ़ाने के तरीकों की भी तलाश की। ऐसे में पूर्णबंदी के बाद लोगों ने बहुत से अलग-अलग काम शुरू किए ताकि रोजी-रोटी चला सकें। बड़ी संख्या में लोगों ने यूट्यूब पर अपनी भाषा में वीडियो और कार्यक्रमों के जरिए पैसा कमाने का जरिया निकाला। पूर्णबंदी के हालात और कोरोना संकट ने हमें नए रास्ते दिखाए और संकटों से जूझना सिखाया है।
’राघव जैन, जालंधर

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