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चौपाल: पाक का असल चेहरा

पाकिस्तान सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार बनाने में अल्पसंख्यक वर्ग का भी योगदान होता है। फिर उनको बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से क्यों वंचित किया जा रहा है।

Author Published on: April 6, 2020 12:07 AM
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान। (फाइल फोटो)

पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना के जाल में फंस गई है। इस माहमारी ने हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। सारे देश अपनी-अपनी जनता के लिए भरसक प्रयत्न कर महामारी पर काबू पाने और लोगों की जान बचाने में लगे हैं। ऐसी हालत में भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ क्रूरता की जा रही है। सिंध प्रांत में रहने वाले हिंदू और ईसाइयों को प्रताड़ित करने की खबरें आ रही हैं। सिंध प्रांत में हिंदू और ईसाइयों को राशन नहीं दिया जा रहा है, बल्कि यह कहा जा रहा है कि राशन मुसलमानों के लिए है। अगर वाकई यह सही है तो पाकिस्तान की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।

पाकिस्तान सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकार बनाने में अल्पसंख्यक वर्ग का भी योगदान होता है। फिर उनको बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से क्यों वंचित किया जा रहा है। क्या पाकिस्तान में रहने वाले मुसलमान ही उसके नागरिक हैं, बाकी नहीं ? इस विपत्ति में अल्पसंख्यकों के साथ इस तरह का बर्ताव पाकिस्तान हुक्मरानों की नीयत को उजागर करता है। पाकिस्तान सरकार को समझना चाहिए कि संकट के इस दौर में लोगों को उसकी मदद और सहानुभुति की आवश्यकता है, न कि भेदभावपूर्ण रवैये की।
’योगेश जोशी, बड़वाह (मप्र)

मानवता के दुश्मन
वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित सभी देश जहां इसके वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी, पूर्ण बंदी जैसे बचाव के उपायों का सहारा ले रहे हैं, वहीं कुछ लोग इन उपायों की अनदेखी करते हुए न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। दिल्ली में तबलीगी मरकज में जिस बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कई दिन तक चुपचाप यह सब चलता रहा और लोग देशभर में फैलते गए, वह गंभीर मामला है। इसका नतीजा अब सामने आ रहा है।

तबलीगी जमात में आए ज्यादातर लोग अब कोरोना संक्रमित निकल रहे हैं। कट्टर मुसलमानों की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत से पूर्ण बंदी की मुहिम को भारी झटका लगा है, वहीं कोरोना संक्रमित संदिग्धों का जांच में सहयोग न करना, चिकित्साकर्मियों से मारपीट, उन पर थूकने जैसे घटनाएं भी चिंता पैदा कर रही हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश के सामने भी इटली, स्पेन और अमेरिका जैसे हालात हो जाएंगे। देश और मानवता विरोधी कृत्यों को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
’शशिभूषण बाजपेयी, बहराइच

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