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अदृश्य भारत

आज डिजिटल इंडिया की बात जोर-शोर से की जा रही है। मगर सरकारी आंकड़े ही बता रहे हैं कि देश की बहत्तर फीसद आबादी आज भी गांव में ही रहती है। ऐसे हालात में डिजिटल इंडिया के ‘माऊस’ पर ‘क्लिक’ कौन और कैसे करेगा? बिहार, बंगाल, असम, झारखंड आदि के गांवों की बात तो अभी […]

Author July 21, 2015 9:06 AM

आज डिजिटल इंडिया की बात जोर-शोर से की जा रही है। मगर सरकारी आंकड़े ही बता रहे हैं कि देश की बहत्तर फीसद आबादी आज भी गांव में ही रहती है। ऐसे हालात में डिजिटल इंडिया के ‘माऊस’ पर ‘क्लिक’ कौन और कैसे करेगा? बिहार, बंगाल, असम, झारखंड आदि के गांवों की बात तो अभी की ही नहीं जा रही है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे है कि तमाम सरकारी सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध होगी।

इसमें कोई दोराय नहीं है कि भले ही लोगों के घरों में आटा, दाल, चावल न हो, सिर पर छत न हो, पर हमारे सत्तासीन आकाओं की नीतियों और करमों के कारण हर हाथ तक मोबाइल जरूर पहुंच गया है! चीन को भी बधाई, जिसके कारण यह संभव हो पाया। जो बचे-खुचे हैं, उन तक मोबाइल निश्चय ही डिजिटल क्रांति पहुंचा देगा! और चीन का उद्योग भी कुलांचे भरेगा!

अब यह सवाल नहीं करना चाहिए कि एम-गवर्नेंस के लिए मोबाइल तो लोगों के पास है, पर इंटरनेट कहां से आएगा! जब गावों और शहरों के भी अधिकतर हिस्सों में बिजली ही नहीं है या कई-कई दिनों बाद दर्शन देती है। वहां आप इंटरनेट की कल्पना कैसे करेंगे? यह भी देखा जाए कि देश में कितने मोबाइल उपभोक्ता नेट का उपयोग कर रहे हैं? गरीबी, भुखमरी, बेकारी, कर्ज के आलम में आदमी को पहले रोटी चाहिए या नेट और एम-गवर्नेंस?

डिजिटल इंडिया बने या मेक इन इंडिया, सूचना क्रांति आए या फिर माउस क्लिक हो, ये सुनने में सबको अच्छा लगता है, पर देश में हर रोज बढ़ती महंगाई, भुखमरी, गरीबी, भ्रष्टाचार, बेकारी, किसान आत्महत्याएं, छोटी बच्चियों और महिलाओं से हर पल किए जा रहे बलात्कार, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर बढ़ती बर्बर हिंसा आदि के शिकार लोगों के लिए इस डिजिटल क्रांति से कौन-सी उम्मीद आने वाली है? इन पर चुप्पी की क्या वजह है?

दरअसल, यह चुप्पी नहीं, बल्कि किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है शायद! विकास की इस अंधी दौड़ में नेताओं की आखों से असली इंडिया ‘इनविजिबल’ अदृश्य ही होता जा रहा है। इन मुद्दों पर भी मन की बात और ठोस कर्म करने की जरूरत है।

 

मुकेश कुमार, महावीर एनक्लेव, दिल्ली

 

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