कामयाबी के स्तर

बीते दिनों भारत की दीपिका कुमारी ने पेरिस टूर्नामेंट तीरंदाज विश्वकप में एक ही दिन में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

Deepika Kumari
दीपिका कुमारी। फाइल फोटो।

बीते दिनों भारत की दीपिका कुमारी ने पेरिस टूर्नामेंट तीरंदाज विश्वकप में एक ही दिन में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस जीत के साथ ही दीपिका कुमारी दुनिया की नंबर एक तीरंदाज बन गर्इं। हालांकि देश के प्रचार-प्रसार के माध्यमों में उनकी इस जीत को वह जगह नहीं मिली, जिसकी वे हकदार हैं। हम खेल की दुनिया की बात करें तो न सिर्फ दीपिका, बल्कि महिलाओं के किसी खेल में उपलब्धि को वाजिब जगह नहीं मिलती। दीपिका ने तीन स्वर्ण पदक दो बार विश्व की नंबर वन तीरंदाज बनने का सफर तय किया। उनके लिए यह आसान नहीं था। आर्थिक संकटों का सामना करते हुए पिछड़े राज्य से आने के बावजूद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इसीलिए जरूरी है कि लैंगिक समानता को महत्त्व दिया जाए, ताकि वंचित और हाशिये पर गए समुदाय और पिछड़े क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के भीतर सहजता के साथ योग्यता का विकास हो।
’किरन मौर्या, इविवि, उप्र

आमने-सामने

कोरोना पर सरकार के रवैये पर सुप्रीम कोर्ट कई बार केंद्र सरकार को फटकार लगा चुका है। अब अदालत ने सरकार से कोरोना के कारण मरे लोगों के परिजनों को मदद मुहैया कराने के लिए मुआवजा देने को कहा है, जिस पर केंद्र सरकार ने अपनी असमर्थता जताई। सवाल है कि देश की लाचार जनता आखिर आपदा में अगर सरकार से नहीं, तो किससे उम्मीद करे।
’अजय धनगर, दिल्ली विवि, दिल्ली

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