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आगे खतरा है

जनसत्ता (30 दिसंबर) के मुख पृष्ठ पर प्रकाशित खबर- देश में सबसे अधिक 238 ओमीक्रान मामले दिल्ली में… चौंकाने तथा चेतावनी देने वाली थी!

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस प्रतीकातम्क फोटो)

जनसत्ता (30 दिसंबर) के मुख पृष्ठ पर प्रकाशित खबर- देश में सबसे अधिक 238 ओमीक्रान मामले दिल्ली में… चौंकाने तथा चेतावनी देने वाली थी ! कोरोना की दूसरी लहर ने देश में बहुत तबाही मचाई थी। शायद हमने इससे कुछ सबक नहीं सीखा! कोरोना से भी तीन गुना ज्यादा खतरनाक बहुरूप ओमीक्रान के मामले मुख्य तौर पर विदेशों से आने वाले संक्रमित लोगों के कारण हं,ै जिनके बारे में पता नहीं चलता।

इसके अलावा, लोग इस महामारी से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय, जैसे बाहर निकलने पर मास्क न पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह न करना, बार-बार हाथ और मुंह साफ न करना, वैक्सीन न लगवाना, लापरवाही करना आदि समस्या को गंभीर बना रहे हैं! कमाल की बात तो यह है कि सारी दुनिया इस लहर को पहले से भी ज्यादा खतरनाक बता रही है। हमारे देश में लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे! देखते ही देखते इस नए बहुरूप से प्रभावित लोगों की संख्या आठ सौ से ज्यादा हो गई है! इसके अलावा कोरोना भी फिर सिर उठाने लगा है! जहां सरकार को इससे निपटने के लिए ज्यादा कड़ाई बरतनी चाहिए, वहां लोगों को इससे बचने के लिए उपाय अपनाने चाहिए अन्यथा परिणाम दूसरी लहर से भी ज्यादा खतरनाक होंगे!
’शाम लाल कौशल, रोहतक

गोलमाल

हाल ही में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कानपुर में करोड़ों रुपए की नकदी और सोना-चांदी बरामद करने के बाद लगा था कि सरकार काला धन रखने वालों पर सख्ती कर रही है, पर कल जिस प्रकार से यह कह दिया गया कि यह सारा पैसा कमाई का है और सिर्फ कर चोरी का मामला बनता है, उससे तो यही लगता है कि सब मिले हुए हैं। मीडिया में खबरें चलाई जा रही थीं कि पीयूष जैन के पास इस पैसे का कोई हिसाब नहीं है, लेकिन अब अचानक यह खबर आ रही है। यह सब यही दर्शाता है कि मामले को जानबूझ कर कमजोर किया गया है। अगर सरकार को लगता है कि समय के साथ लोग सब भूल जाएंगे, तो निश्चित ही यह सरकार का भ्रम है। इससे वर्तमान सरकार की छवि को नुकसान पहुंचना तय है।
’नागेंद्र, मेरठ

शंका समाधान हो

खबरों से पता लग रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर परिसर के आसपास की भूमि कुछ स्वार्थी, ढोंगी और लालची लोगों द्वारा ओने-पौने दाम पर बेची जा रही है। यद्यपि राम मंदिर ट्रस्ट और शासन को जानकारी मिलते ही विशेष जांच टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा चुकी है, पर गति धीमी होने से रामभक्त असमंजस में हैं। राम मंदिर के प्रति आस्थावान लोगों की भावना के मद्देनजर शासन शीघ्र ही इसकी पड़ताल कर दोषी लोगों को सामने लाए और उन्हें सजा दिलाने का प्रयास करे, ताकि आस्था भाव से दी गई धनराशि का सदुरुपयोग तथा शंका का समाधान हो सके।
’बीएल शर्मा ‘अकिंचन’, तराना, उज्जैन

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