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चौपाल: संयोग या प्रयोग!

अगर चीन ने इस बारे में पहले ही बता दिया होता तो इसे दुनिया में फैलने से रोका जा सकता था, लेकिन चीन ने ऐसा कुछ करने के बजाय उन डॉक्टरों को दंडित करना प्रारंभ कर दिया जो इसके खतरनाक सत्य को बता रहे थे।

Author Published on: March 24, 2020 3:03 AM
Coronavirus LIVE Updates: दुनिया के 173 देशों में कोरोनावायरस के 2 लाख से ज्यादा मामले सामने आए। (सोर्स- सोशल मीडिया)

यह तो अब लगभग साफ हो चुका है कि इक्कीसवीं सदी में मानव समुदाय के लिए सबसे बड़े वैश्विक संकट के रूप में सामने आए कोरोनावायरस का जन्म चीन के वुहान शहर से ही हुआ। चीन ने कोरोना जैसे घातक वायरस की जानकारी होने पर भी महीनों तक दुनिया से इस हकीकत को छुपाए रखा। इस कारण चीन विश्व मानव समुदाय का अपराधी भी है, क्योंकि जब यह वायरस विदेशों में फैलने लगा, तब जाकर चीन ने इस घातक वायरस के विषय में दुनिया को बताया।

अगर चीन ने इस बारे में पहले ही बता दिया होता तो इसे दुनिया में फैलने से रोका जा सकता था, लेकिन चीन ने ऐसा कुछ करने के बजाय उन डॉक्टरों को दंडित करना प्रारंभ कर दिया जो इसके खतरनाक सत्य को बता रहे थे। चीन के लिए वुहान शहर खास इसलिए है, क्योंकि चीन में वुहान ही वह जगह है जहां दुनिया की सबसे खतरनाक जैविक प्रयोगशाला वुहान इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी है। सन 2015 में वुहान टेलीविजन पर इस इंस्टीट्यूट का प्रसारण हुआ था, जिसमें इसकी जैविक हथियार की उपलब्धियों का जिक्र किया गया था। कोरोना वायरस का वुहान में अचानक आना मात्र एक संयोग है या चीन की प्रयोगशाला का प्रयोग है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका।
’आकाश सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

बदहाली का आलम
देशों की खुशहाली के आधार पर विश्व खुशहाली दिवस पर संयुक्त राष्ट्र ने जो रिपोर्ट जारी की, उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार एक सौ छप्पन देशों की सूची में भारत चार पायदान फिसल कर नीचे से तेरहवें स्थान पर आ गया है, जबकि हमारे पड़ोसी पाकिस्तान की स्थिति कहीं बेहतर है। यह रिपोर्ट जीडीपी, सामाजिक सहयोग और भ्रष्टाचार जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर आधारित है। भारत के लिए यह बेहद चिंताजनक है।

इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि हमारे देश में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए, वहीं जीडीपी में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। यही वे बड़े कारण हैं जिसके फलस्वरूप देश में बदहाली का आलम देखने को मिल रहा है।
’अली खान, जैसलमेर

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