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चौपाल: सावजी की सीख

पिछले चार सालों से वे अपने कर्मचारियों को ऐसे बड़े-बड़े उपहार देते आ रहे हैं। ऐसा करके वे न सिर्फ अपने कर्मचारियों को काम के प्रति अधिक समर्पित और प्रेरित कर रहे हैं बल्कि अन्य उद्यमियों को सीख भी दे रहे हैं कि कैसे कर्मचारियों को खुश रखा जाता है।

Author October 31, 2018 6:14 AM
गुजरात के हीरा कारोबारी सावजी भाई ढोलकिया

गुजरात के हीरा कारोबारी सावजी भाई ढोलकिया ने अपने 600 कर्मचारियों को दिवाली बोनस के रूप में कार और 900 कर्मचारियों को घर या सावधी जमा (एफडी) का तोहफा दिया है। पिछले चार सालों से वे अपने कर्मचारियों को ऐसे बड़े-बड़े उपहार देते आ रहे हैं। ऐसा करके वे न सिर्फ अपने कर्मचारियों को काम के प्रति अधिक समर्पित और प्रेरित कर रहे हैं बल्कि अन्य उद्यमियों को सीख भी दे रहे हैं कि कैसे कर्मचारियों को खुश रखा जाता है। उनका कहना है कि किसी भी उद्यमी की सफलता में कर्मचारियों की मेहनत और लगन का हाथ होता है, ऐसे में अपनी कमाई का कुछ हिस्सा उन्हें देने में मुझे खुशी होती है।

आज प्रतिस्पर्धा का युग है यहां व्यापारी नंबर वन बनने के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने में लगे हैं। दूसरी तरफ सावजी भाई जैसे लोग अपनी आय का अधिकतर हिस्सा कर्मचारियों में बांटने में लगे हैं। देश में निजी क्षेत्र में काम करने वालों की हालत किसी से छुपी नहीं है। वे हर जगह शोषण के शिकार होते हैं। बोनस तो दूर, उन्हें वेतन तक दो से तीन माह में दिया जाता है। श्रम कानूनों का उल्लंघन आम है। कहीं ड्यूटी का समय आठ तो कहीं बारह घंटे होता है। देश के अनेक उद्योगपति अरबों रुपए की संपत्ति के मालिक हैं और उनकी आय दिन प्रतिदिन दुगुनी-चौगुनी होती जा रही है। फिर भी वे अपने कर्मचारियों को उनके काम के मुताबिक वेतन और सुख-सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं।

अगर सभी की सोच सावजी भाई जैसी हो जाए तो देश बदलने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। कर्मचारियों को घर या आर्थिक मदद देना एक उद्यमी का बड़ा गुण है। ऐसा करने से कर्मचारी अपने कार्य के प्रति समर्पित होकर दुगुनी मेहनत करते हुए व्यापार की सफलता सुनिश्चित करते हैं। हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो मंदिरों में लाखों-करोड़ों रुपए दान देना उचित समझते हैं लेकिन समाज कल्याण के कार्यों में कोई मदद नहीं करते।
’अमित पांडेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

प्रदूषण में इजाफा

अफसोस की बात है कि हमारे देश में जितनी तेजी से प्रदूषण बढ़ रहा है उतनी तेजी से उसे रोकने के लिए कुछ किया नहीं जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के आसपास दर्ज किया गया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है। प्रदूषण का इतना ज्यादा बढ़ना बहुत चिंताजनक है। जल्दी ही दिवाली आने वाली है। उसमें लोग पटाखे-आतिशबाजी जलाएंगे जिससे प्रदूषण और बढ़ेगा। इसके मद्देनजर हम लोग सतर्कता बरतते हुए प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएं। दिवाली ही क्यों, हमें अपने सभी त्योहार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मनाने चाहिए। जब तक हम लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक भारत स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त नहीं बन सकता।
’रवि रंजन कुमार, केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंजाब

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