ताज़ा खबर
 

चौपालः भिक्षा से मुक्ति

भारत में आय की असमानता और भुखमरी की कहानी तो विश्व स्तर की कुछ रिपोर्टों से ही जाहिर हो जाती है। लेकिन आज भिक्षावृत्ति ने एक व्यवसाय का रूप ले लिया है। इस काम में साधु वेश से लेकर फटे-चिथड़े पहने लोग लगे हुए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

दो वक्त की रोटी के लिए किसी के आगे हाथ फैलाना अपने जमीर को मारने जैसा लगता है। लेकिन ये किसी से छिपा नहीं है कि भिक्षावृत्ति के उदाहरण अक्सर सड़क किनारे, धार्मिक स्थलों के आसपास या चौक-चौराहों पर दिख जाते हैं। हमारे देश भारत में भीख मांगना और भीख देना पौराणिक कर्म माना जाता है। यहां भिक्षा लेना या मांगना बुरा नहीं माना जाता, बल्कि इसे दान की श्रेणी में रखा जाता है। वास्तव में गरीबी, भुखमरी और आय की असमानता के चलते देश में एक वर्ग ऐसा भी है, जिसे भोजन, कपड़ा और आवास जैसी आधारभूत सुविधाएं भी प्राप्त नहीं हो पातीं। यह वर्ग कई बार मजबूर होकर भीख मांगने का विकल्प अपना लेता है।

भारत में आय की असमानता और भुखमरी की कहानी तो विश्व स्तर की कुछ रिपोर्टों से ही जाहिर हो जाती है। लेकिन आज भिक्षावृत्ति ने एक व्यवसाय का रूप ले लिया है। इस काम में साधु वेश से लेकर फटे-चिथड़े पहने लोग लगे हुए हैं। गली-गली घूम कर, मुहल्लों में जाकर कभी चमत्कार से भरा आशीर्वाद देने तो कभी भूख के नाम पर भिखारी कुछ पाने की अपेक्षा रखते हैं।

इसके निदान के लिए सबसे पहले ऐच्छिक भिक्षावृत्ति और मजबूरीवश अपनाई गई भिक्षावृत्ति में अंतर किया जाना आवश्यक है। साथ ही इन दोनों से निपटने के लिए अलग-अलग नीति बनाए जाने की जरूरत है। इसके लिए व्यापक सर्वेक्षण कराया जा सकता है। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण के आधार पर एक कानून बनाए जाने की जरूरत है।

गरीबी, बेरोजगारी, भुखमरी जैसी समस्याओं से मजबूर लोगों तक मौलिक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा, गंभीर बीमारी से पीड़ित, अपंगता से ग्रसित और छोटी उम्र के बच्चे जो भिक्षावृत्ति को अपना चुके हैं, उनके पुनर्वास के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने की जरूरत है। इसके लिये पुनर्वास गृहों की स्थापना करके उनमें आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उचित कदम उठा कर हम इस समस्या से निजात पाकर भारत को खुशहाल बना सकते हैं।
’अनु मिश्रा, बिठुना, सिवान

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 चौपालः अधूरा इंसाफ
2 चौपालः युवा का हाल
3 चौपालः नागरिकता पर खर्च
ये पढ़ा क्या?
X