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चीनी इरादे

चीन ने 2013 में विश्व के कई देशों से गुजरने वाली बेल्ट और रोड पहल की घोषणा की थी। उसकी आक्रामक निवेश नीति के चलते प्रारंभ में सभी देश इस नीति को लेकर सशंकित थे।

Author June 12, 2017 5:46 AM
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फाइल फोटो)

मदद की मिसाल

आज जहां एक ओर ज्यादातर लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं, वहीं गाजियाबाद की संस्था ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ ने एक महिला की सच में मदद करके अनूठी मिसाल पेश की है। इस संस्था को अखबारों से पता चला था कि आगरा में रहने वाली आरती शर्मा अपनी तीन बेटियों की स्कूल फीस नहीं भर पा रही हैं और इसके लिए अपनी किडनी बेचने को मजबूर हैं। इस पर संस्था की टीम आगरा गई और महिला को 25000 रुपए का चेक सौंपा। इस सहयोग से तीनों बेटियां अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। इस संस्था से प्रेरणा लेने की जरूरत है कि सिर्फ बातें नहीं, यदि समाज के लिए कुछ करना है तो धरातल पर काम करना चाहिए।
’बृजेश श्रीवास्तव, गाजियाबाद
चीनी इरादे

चीन ने 2013 में विश्व के कई देशों से गुजरने वाली बेल्ट और रोड पहल की घोषणा की थी। उसकी आक्रामक निवेश नीति के चलते प्रारंभ में सभी देश इस नीति को लेकर सशंकित थे। चीन में इस योजना से जुड़ा पहला फोरम हाल में समाप्त हुआ है। 130 देशों के प्रतिभागियों और कम से कम 65 देशों का इस 900 अरब डॉलर की पहल से सीधे जुड़ना, इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।  भारत इस पहल का शुरू से विरोध कर रहा है क्योंकि इस विशाल परियोजना का सबसे महत्त्वपूर्ण कहा जाने वाला हिस्सा ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा’ जो पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरता है, भारत की स्वायत्तता में दखल देने जैसा है।

चीन इन दिनों ऐसे दौर से गुजर रहा है जो उसे इस तरह की विशाल परियोजना तैयार करने को बाध्य कर रहा है। उसकी अर्थव्यवस्था में अब फैलाव के लिए जगह नहीं बची है। इस बेल्ट और रोड पहल से वह अपने लिए बाजार विस्तृत तो करेगा ही, इससे जुड़े देशों को विविध ऋण देकर उनकी नीतियों में भी दखल देगा। भारत को इससे जुड़े गंभीर पहलू अपने पड़ोसी देशों यथा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका से साझा करने चाहिए। आज के समय सारे विश्व में सस्ते, घटिया चीनी माल से बाजार भरे पड़े हैं। रोड और बेल्ट पहल पूरी होने पर अन्य देशों के घरेलू उद्योगों के लिए बेहद सीमित अवसर रह जाएंगे। इन पहलुओं को देखते भारत का विरोध उचित व सार्थक कहा जा सकता है।
’आशीष कुमार, उन्नाव, उत्तर प्रदेश

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