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चौपालः ‘हम भारतीय’ और ‘बंगले का मोह’

राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को पंद्रह दिन में सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस थमा दिया है।

Author May 22, 2018 4:46 AM
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल फोटो)

हम भारतीय

आज देश में कोई खुद को गुजराती, मराठी, कश्मीरी, बंगाली, राजस्थानी, हिंदू, मुसलमान, सिख आदि-आदि कहता है। राजनीतिक दल तो और आगे बढ़ कर लोगों को ठाकुर, पंडित, दलित, अगड़े, पिछड़े न जाने कितने वर्गों में बांट रहे हैं। कोई यह नहीं कहता कि हम भारतीय हैं। हर प्रदेश का वासी अपने को पहले भारतीय समझे और कहे, बाद में अपने धर्म, जाति या प्रदेश का नाम ले। यदि एक साल भी ऐसा हो गया तो देश का वातावरण कुछ और ही होगा। लेकिन क्या राजनीतिक दल इस दिशा में काम करेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। आज लोगों को राष्ट्रवाद के स्थान पर कट्टरवाद की ओर धकेला जा रहा है जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। यह घातक भी सिद्ध होगा। सब मिलकर कहें हम भारतीय हैं

यश वीर आर्य, देहरादून

बंगले का मोह

राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को पंद्रह दिन में सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस थमा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अखिलेश सरकार के बनाए कानून को खारिज करते हुए बंगले खाली करने का फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले देने की परंपरा कानूनी दृष्टि से गलत है और उन्हें ये बंगले खाली कर सरकार को सौंप देने चाहिए।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बंगला खाली कर दिया है जिससे अन्य नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं क्योंकि अब उन पर भी सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने का दबाव बढ़ जाएगा। सवाल है कि सुप्रीम कोर्ट को यह आदेश देने की नौबत क्यों आई? नेताओं को समझना चाहिए कि पद से हट जाने के बाद वे आम नागरिक हो जाते हैं और तमाम सुविधाएं, जो पद पर रहते हुए मिलती हैं, वे पद से हटने के बाद समाप्त हो जानी चाहिए। राजनाथ सिंह की तरह अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी अपने बंगलों का मोह त्याग देना चाहिए।

’आदर्श दीक्षित, महोली, उत्तर प्रदेश

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