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चौपालः महंगाई की मार

भाजपा 2014 के आम चुनावों में ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ नारे के साथ मनमोहन सरकार को कठघरे में खड़ा करती थी। लोगों ने उस पर भरोसा कर दिल खोलकर बहुमत दिया ताकि महंगाई से मुक्ति मिल जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो।

महंगाई की मार

भाजपा 2014 के आम चुनावों में ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ नारे के साथ मनमोहन सरकार को कठघरे में खड़ा करती थी। लोगों ने उस पर भरोसा कर दिल खोलकर बहुमत दिया ताकि महंगाई से मुक्ति मिल जाए। लेकिन आज जनता उसी मोड़ पर खड़ी है। दिनोंदिन बढ़ रही महंगाई जेब पर भारी पड़ रही है जिससे आम आदमी का दम घुटने लगा है। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं जिसका सीधा असर वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी के रूप में होता है। सरकार पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करने का भरोसा देती है लेकिन उसकी तरफ कदम उठाती नजर नहीं आती है।

’महेश कुमार, सिद्धमुख, राजस्थान

प्रचार की दरकार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को कारगर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में इसके अंतर्गत दस करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपए हर साल इलाज के लिए देने का प्रावधान किया है। यह स्वागतयोग्य तो है लेकिन शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक लोगों को इस योजना की जानकारी ही नहीं है। सरकार को चाहिए कि इस योजना की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुंचाए।

’राहुल उपाध्याय, बलिया, उत्तर प्रदेश

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