ताज़ा खबर
 

चौपाल : क्या सचमुच बिहार शराबमुक्त राज्य बन गया है?

बिहार में शराबबंदी को दो महीने बीत चुके हैं लेकिन क्या यह अब सचमुच पूर्ण रूप से शराब मुक्त राज्य बन गया है? क्या सिर्फ बिहार में शराब पर पाबंदी लगनी चाहिए बाकी राज्यों में नहीं?

Author नई दिल्ली | June 8, 2016 12:04 AM
बिहार में शराब पूरी तरह से प्रतिबंध है।

बिहार में शराबबंदी को दो महीने बीत चुके हैं लेकिन क्या यह अब सचमुच पूर्ण रूप से शराब मुक्त राज्य बन गया है? क्या सिर्फ बिहार में शराब पर पाबंदी लगनी चाहिए बाकी राज्यों में नहीं? बिहार से सटे झारखंड में लगातार महिलाओं के पुरजोर विरोध के बावजूद वहां की सरकार ने अभी तक इस विषय में कड़े कदम नहीं उठाए हैं। हालात ऐसे बने हुए हैं कि बिहार के वे लोग जो झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में बसे हुए हैं, झारखंड से शराब खरीद कर पी रहे हैं और यह सारा काम प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। यह भी कड़वा सच है कि रोजगार और शिक्षा से वंचित आदिवासी महुआ से शराब बना कर बेच रहे हैं। जिस तरह बिहार सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं उसी तरह सभी राज्यों को शराब पर पाबंदी लगाने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए क्योंकि इसका नशा लोगों को बरबाद कर रहा है।

’प्रीतम कुमार, चौरा, झारखंड


 

मंदिर में घूस

कुछ दिन पूर्व माता विंध्यवासिनी के दर्शन करने विंध्याचल गया था। वहां के पंडों की मनमानी देख कर लगा कि ये भीख मांगने का नया तरीका खोज लाए हैं। खैर, उनकी छोड़िये, मजे की बात है कि मंदिर में भी घूस चलती है। लोग माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए भी घूस देते हैं। यह धंधा लाखों का है और इस घूसकांड पर खुफिया कैमरों के जरिए नजर भी बखूबी रखी जाती है। सिर्फ विंध्याचल क्यों, देश के किसी भी मंदिर में आप कुछ पैसे खर्च करो और जल्दी आशीर्वाद लेकर जाओ या लाइन में लगो और धक्के खाओ, मर्जी आपकी है!

प्रश्न है कि भगवान का यह व्यापार कितना तर्कसंगत है? क्या हमने धर्म को भी व्यापार बना दिया है? क्या लोगों की आस्था पैसे के दम पर खरीदी जा सकती है? यह पैसा आखिर जाता कहां है? मंदिर और नदियों में पैसे डालने की क्या तुक है? यह अंधी आस्था हमें कहां ले जाएगी? धर्मस्थलों पर यह अघोषित लूट बंद होनी चाहिए। देश के कानून की छोड़ो, पहले भगवान की नजर में तो समान हो जाओ! मंदिरों में जाति, धर्म और लिंग के आधार पर प्रवेश का निषेध खत्म होना चाहिए। धर्म सुधार यहीं से प्रारंभ होना चाहिए।

विपुल मिश्रा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App