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चौपाल: बढ़ता आत्मविश्वास

भारत केवल पाकिस्तान को ही अपना विरोधी मानता है, जबकि इससे कहीं घातक चीन साबित हो रहा है। भारत की वैश्विक बाजार का उपयोग करके भारत के ही विरुद्ध अपने स्रोतों को उपयोग कर रहा है।

Author Published on: July 1, 2020 4:27 AM
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सरकार ने जिस तरह चीन के उनसठ ऐप को भारत में बंद करने की घोषणा की है, वह एक सकारात्मक कदम है। इससे कुछ तो प्रभाव पड़ेगा। चीन ने अपनी भारी जनसंख्या को अपना राजस्व का हिस्सा बना रखा है, वहां की जनसंख्या की अर्थव्यवस्था में भागीदारी बनी हुई है।

यही कारण है कि सामानों के उत्पादन लागत कम आती है। चीन बिल्कुल भी चिंतित नहीं दिखता जनसंख्या को लेकर। अपने कम दरों और अधिक उत्पादनों के कारण पूरी दुनिया को अपने सामानों का आदी बनाता जा रहा है। यह एक ऐसी लत लगाता जा रहा है, जिसे छोड़ने में व्यक्ति असहज महसूस कर रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि वह कोई नशा का त्याग कर रहा है। चीन के महाशक्ति बनने की भूख चरम सीमा पर है। उसे भारत से कहीं न कहीं अड़चन महसूस होती है।

यही कारण है कि वह भारत के दूसरे पड़ोसी देशों के जरिये नुकसान पहुंचाने में लगा हुआ रहता है। भारत केवल पाकिस्तान को ही अपना विरोधी मानता है, जबकि इससे कहीं घातक चीन साबित हो रहा है। भारत की वैश्विक बाजार का उपयोग करके भारत के ही विरुद्ध अपने स्रोतों को उपयोग कर रहा है।

अन्यथा नेपाल कभी भारत के विरुद्ध जाने को सोच ही नहीं सकता था। देश को अब अपनी सीमा पर चौकन्ना रहना होगा। भारत को किसी भी वस्तु का बहिष्कार करने से पहले का देश में उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए। तभी किसी बहिष्कार का प्रभाव पड़ेगा। अन्यथा विदेशी सामानों का बहिष्कार केवल एक चलन भर साबित होगा।
’मोहम्मद आसिफ, जामिया नगर, दिल्ली

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