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चौपाल: आखिर कब तक

पाकिस्तान में अब हिंदू नाबालिग बच्चियों को भी शिकार बनाया जा रहा है। यदि लगभग दो वर्षों की खबरों का आकलन करें तो एक ही तर्ज पर घटना को अंजाम दिया जा रहा है। दरअसल मामला यह है कि पहले तो लड़कियों को अगवा किया जाता है।

Author Published on: April 30, 2020 1:18 AM
पाकिस्तान में राजनीतिक मुद्दों पर बोलते स्थानीय नेता (फाइल फोटो)।

पाकिस्तान में अल्संख्यकों पर होने वाले अत्याचार की खबरें नई नहीं हैं। शायद इसलिए अब किसी को बहुत ज्यादा प्रभावित भी नहीं करतीं। हफ्ते में लगभग दो-तीन बार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के गिरते आंकडे वहां की दुर्दशा बताने के लिए काफी हैं। बंटवारे के समय वहां तेईस फीसद अल्पसंख्यक थे, जिसमें पंद्रह प्रतिशत हिंदू थे। लेकिन आज यह आंकड़ा मात्र एक फीसद पर आकर रह गया है। एक सर्वे के अनुसार अगले नौ वर्ष में वहां एक भी अल्पसंख्यक नहीं बचेगा। आश्चर्य और पीडा तो इस बात की है कि यह गलत काम पूरी दुनिया के सामने हो रहा है, लेकिन आज तक इस मामले में कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ।

पाकिस्तान में अब हिंदू नाबालिग बच्चियों को भी शिकार बनाया जा रहा है। यदि लगभग दो वर्षों की खबरों का आकलन करें तो एक ही तर्ज पर घटना को अंजाम दिया जा रहा है। दरअसल मामला यह है कि पहले तो लड़कियों को अगवा किया जाता है। जब लड़की के परिजन थाने में रिपोर्ट कराने जाते हैं तो प्रशासन उन्हें मदद करने के बजाय गुमराह करता है और कोई कार्रवाई नहीं होती। बाद में पता चलता है कि उसका किसी से जबरन निकाह करवा दिया गया। अपरहणकर्ता सीधे कोर्ट में लड़की के साथ पेश होकर यह कहता है कि लड़की ने अपनी मर्जी से निकाह किया है।

सवाल है कि क्या इन अत्याचारों को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र या भारत के पास कोई हल है ? क्या भारत सरकार इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने लायक नहीं समझती या हम इसमें अपने स्तर पर कुछ भी करने असफल हैं। हर देश अपने हर छोटे-बड़े मुद्दे का निवारण करने के लिए विश्वपटल पर अपनी बात रखता है, लेकिन पाकिस्तान की इस हरकत के लिए किसी के पास कोई ऐसी नीति नही हैं जिससे वहां के अल्पसंख्यकों की जिंदगी को सरल बनाया जाए। आखिर कब तक ऐसे मानव जीवन का हनन होता रहेगा?
’योगेश कुमार सोनी, दिल्ली

साद की साजिश
भारत में तबलीगी मरकज के मुखिया मौलाना साद ने जिस प्रकार की भीड़ एकत्रित करके विदेशों से प्रतिनिधियों को बुला कर कोरोना काल में भारत सरकार के दिशानिदेर्शों की अवहेलना की, वह वाकई शर्मनाक और बेहद निंदनीय है। मौलाना साद की इसी लापरवाही का खमियाजा आज देश भुगत रहा है। देश के ज्यादातर राज्यों में कोरोना संक्रमण फैलाने में तबलीगियों की बड़ी भूमिका रही है।

इसके अलावा कई राज्यों में संक्रमितों की तादाद में ज्यादातर तबलीगी ही पाए गए हैं। साद की इस हरकत से लगता है कि सरकार के दिशा निदेर्शों के बावजूद उसने झूठ बोल कर मरकज में हजारों की भीड़ जमा की और कार्यक्रम करता रहा, उसके पीछे कोई गहरी साजिश होगी। इसलिए सरकार को मौलाना साद के ठिकानों की गहरी छानबीन करनी होगी और उसे जल्द गिरफ्तार कर सच्चाई सामने लाना चाहिए। अब तक मौलाना साद को नहीं पकड़ा जाना पुल्स और प्रशासन तंत्र को भी कठघरे में खड़ा करता है।
’महेश आचार्य, नागौर

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