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अरविंद केजरीवाल के रिश्वत लेने के आरोप का सच क्या है

मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से केजरीवाल को सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपए लेते हुए देखा है।

Author May 9, 2017 5:28 AM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फोटो: PTI)

सच क्या है
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से केजरीवाल को सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपए लेते हुए देखा है। ये रुपए केजरीवाल ने अपने आवास पर लिए थे। मिश्रा के अनुसार जब उन्होंने केजरीवाल से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ नहीं बताया।
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं और जवाब में कह दिया जाता है कि यह सब विरोधियों की बदनाम करने की साजिश है। लेकिन भ्रष्टाचार के इस मामले में कपिल मिश्रा स्वयं एक चश्मदीद गवाह हैं, इसलिए यह बहुत गंभीर मामला है। शायद इसी वजह से केजरीवाल ने इस मामले में अभी तक खुद कोई बयान नहीं दिया है। लगता है, वे पूरी रणनीति बना कर ही कुछ बोलेंगे पर देश की जनता तो केवल सच जानना चाहती है। उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को जांच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उम्मीद है कि बहुत जल्द सच सबके सामने आ जाएगा।
’बृजेश श्रीवास्तव, गाजियाबाद
रुतबे का शगल
निजी वाहनों पर रसूख प्रदर्शित करने वाले शब्द, चिह्न, संकेत लिखवाने का शगल वर्षों से जारी है। इसके विरुद्ध नियम भी बने हैं, यदा-कदा किसी विशेष दिन अभियान के तहत कार्रवाई किए जाने की खबर आ जाती है। लेकिन इस शगल के अतिरिक्त शासकीय अधिकारियों और उनके परिजनों द्वारा सरकारी वाहनों का दुरुपयोग किए जाने की कुप्रथा भी वर्षों से चली आ रही है। सरकारी वाहनों में सवार लोग पर्यटन स्थलों या मौजमस्ती के ठिकानों पर अक्सर देखे जाते हैं। सिनेमाघरों, बाजारों आदि स्थलों पर तो यह नजारा आम है।
कुछ उदाहरण ऐसे भी हैं जिनमें अधिकारियों की संतानों को किसी परीक्षा में सम्मिलित कराने के लिए भी सरकारी वाहन में ले जाया जाता है और उसके साथ गया अभिभावक परीक्षा की समाप्ति तक उसी वातानुकूलित वाहन में प्रतीक्षा करता है। ऐसे दृश्य देख कर एक आम नागरिक का कुढ़ना स्वाभाविक है।

एक ओर हम जैव र्इंधन के संरक्षण और मितव्ययता का संकल्प लेते हैं मगर दूसरी ओर तथाकथित ‘जिम्मेदार लोग’ उससंकल्प का मखौल उड़ाते हुए हजारों लीटर जैव र्इंधन नष्ट कर रहे हैं। सरकार को जल्दी से जल्दी इस प्रकार की अनियमितता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। इसके लिए सरकारी वाहनों में जीपीएस प्रणाली स्थापित करने पर विचार किया जा सकता है। जिस तरह पीडीएस वाहनों में जीपीएस प्रणाली कारगर सिद्ध हुई है उसी प्रकार यहां भी निश्चित रूप से सुधार होगा। ऐसे उपायों से भ्रष्टाचार में कमी लाने में सहायता मिलने के साथ ही साथ बहुमूल्य जैव र्इंधन का संयमित उपयोग सुनिश्चित हो पाएगा।
’ऋषभ देव पांडेय, कोरबा, छत्तीसगढ़
रोष में होश
पिछले दिनों सीमा पर हमारे जवानों के शवों के साथ बर्बर सलूक करने वाले पाकिस्तान के खिलाफ देशवासियों को गुस्सा आना स्वाभाविक है। इसी गुस्से के चलते पाकिस्तान को युद्ध के जरिए करारा सबक सिखाने की मांग भी जोर-शोर से की जा रही है। लेकिन हमें रोष में होश नहीं खो देना चाहिए। युद्ध वैसे तो किसी समस्या का हल नहीं होता लेकिन फिर भी हमें नहीं भूलना चाहिए कि युद्ध के लिए बहुत सावधानी व चतुराई से व्यूहरचना तैयार करनी पड़ती है। उसमें उतावलापन महंगा पड़ सकता है। युद्ध दिल से नहीं, बल्कि दिमाग से ही जीते जाते हैं। सूझबूझ भरा अपार धैर्य भारतीय सुरक्षा बलों को पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर विजय दिला कर ही रहेगा।
’हंसराज भट, मुंबई

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