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चौपालः नफरत के विरुद्ध

भारत और नेपाल जैसे देश में हिंदू भले ही बहुसंख्यक हैं लेकिन समूचे विश्व में अल्पसंख्यक हैं। दुनिया की कुल आबादी में 31 फीसद ईसाई और 24 फीसद मुसलमान भाई है। हिंदू समूचे विश्व में लगभग 15 फीसद हैं।

नफरत के विरुद्ध

भारत और नेपाल जैसे देश में हिंदू भले ही बहुसंख्यक हैं लेकिन समूचे विश्व में अल्पसंख्यक हैं। दुनिया की कुल आबादी में 31 फीसद ईसाई और 24 फीसद मुसलमान भाई है। हिंदू समूचे विश्व में लगभग 15 फीसद हैं। बौद्ध लगभग सात फीसद हैं। उल्लेखनीय है कि इस वक्त दुनिया में विभिन्न धर्मों की संख्या 4200 के लगभग है। आपको सभी धर्मों में ऐसे लोग मिल जाएंगे जो अपने धर्म पर चिंतन कम और चिंता अधिक करते हैं। वैसे हमारे यहां यदि किसी गांव में एक जाति के लोग अधिक संख्या में रहते हैं तो उनसे उसी गांव में रहने वाले दूसरी जाति के लोग सशंकित रहते हैं। ऊपर से अतीत में हमारे इस भूभाग में जो कुछ भी घटा है, उसे लेकर हम अक्सर शंका करने लगते हैं। आपको ऐसे लोग मिल जाएंगे जो बेशर्मी से कहते फिरते हैं कि ‘अगर फलां जाति का आदमी और सांप एक साथ मिल जाएं तो पहले उस जाति के आदमी को मारो और फिर सांप को।’

हम सभी को कोशिश करनी चाहिए कि दुनिया में नफरत के लिए कोई जगह न बचे और हम सब इंसानियत के लिए काम करें। इस धरती के किसी इंसान से भाषा, क्षेत्रीयता, रहन-सहन, खानपान और वर्ण/धर्म की वजह से हमें कभी नफरत नहीं करनी चाहिए। घृणा शैतानों से करें; इंसानों से कभी नहीं।

सुभाष चंद्र लखेड़ा, द्वारका, नई दिल्ली

धीमा इंटरनेट

इन दिनों भारत में अनेक सरकारी सुविधाएं ‘ऑनलाइन’ उपलब्ध हो रही हैं लेकिन ‘सर्वर डाउन’ और ‘इंटरनेट स्पीड’ को लेकर हर स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे सरकारी कार्य की गति पर फर्क पड़ता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा मोबाइल डाटा उपभोक्ता है यानी हमारे यहां डाटा की कुल खपत चीन और अमेरिका की संयुक्त खपत से ज्यादा है। लेकिन विश्व में इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत 109 वें नंबर पर है। देश मेें पिछले साल औसत ‘डाउनलोड स्पीड’ 8.80 एमबी/पीएस से बढ़ कर फरवरी में 9.01 एमबी/पीएस पर पहुंच गई लेकिन रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया। वहीं इंटरनेट स्पीड में अव्वल नार्वे में 62.07 एमबी/पीएस की औसत स्पीड उपलब्ध कराई जाती है। हमारे देश में हर माह लाखों नए उपभोक्ता इंटरनेट से जुड़ रहे हैं। ऐसे में स्पीड को लेकर दबाव बढ़ता है। इसलिए भारत में कंपनियों को इंटरनेट स्पीड बढ़ाने की आवश्यकता है।

महेश कुमार, सिद्धमुख, राजस्थान

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