भारत में सोने के प्रति लोगों के गहरे लगाव को देखते हुए सरकार एक आर्थिक योजना पर विचार कर सकती है। माना जा रहा है कि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और सोने के आयात को घटाने के लिए सरकार गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को फिर से नए रूप में ला सकती है।

समाचार पत्र दैनिक जागरण ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस योजना के तहत लोगों को घरों में पड़ा सोना बैंकों में जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बदले में जमाकर्ताओं को ब्याज दिया जाएगा। यानी जो सोना अभी घरों या लॉकरों में निष्क्रिय पड़ा है, उसे अर्थव्यवस्था में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

सरकार का मकसद देश में मौजूद घरेलू सोने को वित्तीय सिस्टम का हिस्सा बनाना हो सकता है, ताकि सोने के आयात पर निर्भरता घटे और विदेशी मुद्रा की बचत हो। अगर यह योजना लागू होती है, तो लोगों को अपने सोने पर अतिरिक्त कमाई का मौका मिल सकता है।

विदेशी मुद्रा की बचत

सरकार इस सोने को ज्वेलरी निर्माताओं और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को देगी। इससे ज्वेलरी निर्माण के लिए सोने का आयात नहीं करना होगा, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। गत वित्त वर्ष 2025-26 में 72 अरब डॉलर मूल्य के सोने का आयात किया गया।

पीएम मोदी ने एक साल तक सोने की खरीदारी नहीं करने की अपील की थी अपील

पीएम मोदी ने सोमवार को लोगों से एक साल तक सोने की खरीदारी नहीं करने की अपील की थी। इस अपील पर कारोबारियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया देते हुए ज्वेलरी निर्माण से लाखों कारीगरों का जीवनयापन जुड़ा है। एक अनुमान के मुताबिक, देश के घरों में 30,000 टन से अधिक सोना विभिन रूप में उपलब्ध है।

घरों में जमा सोने को बाहर निकलवाने के लिए पिछले साल आरबीआई ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का प्रारूप जारी किया था। हालांकि इसे लागू नहीं किया जा सका। समाचार पत्र दैनिक जागरण ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आरबीआई की इस स्कीम को संशोधन के साथ लागू किया जा सकता है।

कितना मिलेगा ब्याज?

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के लिए बैंक में अलग से खाता खोलना होगा। इस खाते में कम से कम 10 ग्राम सोना जमा करना होगा। किसी भी रूप के सोने को जमा किया जा सकेगा।

कम से कम एक साल तो अधिकतम 16 साल तक के लिए सोने को जमा किया जा सकेगा। अधिक अवधि पर सालाना सोने के मूल्य का 2.5-3 प्रतिशत तक का ब्याज दिया जा सकता है। अवधि पूरा होने के बाद जमाकर्ता को सोना बार या नकद के रूप में लौटा दिया जाएगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और सोने पर खर्च कम करने की अपील की, ताकि भारत के घटते विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर दबाव कम किया जा सके। यहां पढ़ें पूरी खबर…