RBI गवर्नर बोले- तीन दिनों में ‘बहुत तेजी’ से कर लिया जाएगा Yes Bank का समाधान

दास ने कहा, ‘‘ मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हमारा बैकिंग क्षेत्र पूरी तरह से सुचारू और सुरक्षित बना रहेगा।’’ उन्होंने कहा कि आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘ वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।’’

आरबीआई के गवर्नर ने कहा, yes बैंक ने प्रयास भी किए, लेकिन जब हमें लगा कि हम और इंतजार नहीं कर सकते तथा हमें और इंतजार नहीं करना चाहिए तो हमने हस्तक्षेप का निर्णय किया।’’ रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को सरकार से मशविरा करने के बाद येस बैंक पर रोक लगायी और उसके निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है।yes बैंक ने प्रयास भी किए, लेकिन जब हमें लगा कि हम और इंतजार नहीं कर सकते तथा हमें और इंतजार नहीं करना चाहिए तो हमने हस्तक्षेप का निर्णय किया।’’ रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को सरकार से मशविरा करने के बाद येस बैंक पर रोक लगायी और उसके निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है।

संकट में फंसे येस बैंक पर मौजूदा समय में रोक लगाने के निर्णय का बचाव करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि बैंक से जुड़े मुद्दों का समाधान ‘बहुत जल्दी’ कर लिया जाएगा। यहां संवाददाताओं से बातचीत में दास ने कहा, ‘‘ येस बैंक का समाधान बहुत तेजी से कर लिया जाएगा। हमने इस पर रोक के लिए 30 दिन की समय सीमा तय की है। रिजर्व बैंक की ओर से इस दिशा में आप बहुत जल्द कार्रवाई होते देखेंगे।’’ उन्होंने कहा कि येस बैंक पर रोक लगाने का निर्णय किसी एक इकाई को ध्यान में रखकर नहीं किया गया। बल्कि यह निर्णय देश के बैंंकिंग क्षेत्र और वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के ‘व्यापक संदर्भ’ को लक्ष्य करके किया गया है।

दास ने कहा, ‘‘ मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हमारा बैकिंग क्षेत्र पूरी तरह से सुचारू और सुरक्षित बना रहेगा।’’ उन्होंने कहा कि आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘ वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।’’ येस बैंक पर रोक लगाए जाने के समय के बारे में दास ने कहा कि हमेशा रिजर्व बैंक के सक्रियता से काम करने या किसी काम में बहुत समय लेने को लेकर बहस बनी रहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे मत में यह उपयुक्त समय है। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि आरबीआई बहुत जल्द येस बैंक के पुनरोद्धार के लिए एक योजना लेकर आएगा।’’ दास ने कहा, ‘‘नियामकीय पुर्नगणठन के बजाय एक बैंक या बाजार आधारित पुनरोद्धार हमेशा अधिक बेहतर विकल्प होता है। बैंक के प्रबंधन को एक विश्वसनीय पुनरोद्धार योजना तैयार करने के लिए पूरा अवसर दिया गया।

yes बैंक ने प्रयास भी किए, लेकिन जब हमें लगा कि हम और इंतजार नहीं कर सकते तथा हमें और इंतजार नहीं करना चाहिए तो हमने हस्तक्षेप का निर्णय किया।’’ रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को सरकार से मशविरा करने के बाद येस बैंक पर रोक लगायी और उसके निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है। वहीं बैंक के ग्राहकों पर भी 50,000 रुपये मासिक तक निकासी करने की रोक लगायी है। येस बैंक किसी भी तरह का नया ऋण वितरण या निवेश भी नहीं कर सकेगा। केंद्रीय बैंक ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूवÊ मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रशांत कुमार को येस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

वहीं एसबीआई बोर्ड ने नकदी संकट से जूझ रहे येस बैंक में निवेश के लिए ‘सैद्धांतिक’ स्वीकृति दे दी है। बृहस्पतिवार को देर शाम, एसबीआई बोडÊ ने शेयर बाजारों को सूचित किया, ‘‘येस बैंक से संबंधित मामले पर बृहस्पतिवार को बैंक के केंद्रीय बोडÊ की बैठक में चचाÊ की गई और बोर्ड ने बैंक में निवेश अवसर तलाशने के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है।’’

वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस के फैलने से उभरी चुनौतियों से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए भी रिजर्व बैंक पूरी तरह से तैयार है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को आश्वस्त किया कि इस चुनौती से निपटने लिए बैंक हर जरूरी कदम उठाएगा। चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुए कोरोना वायरस का प्रकोप दुनिया के करीब 80 देशों तक फैल चुका है। इस वायरस की चपेट में दुनियाभर में 3,300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

दास ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए हम तैयार हैं।’’ उन्होंने कहा कि हमारे पास इस संकट से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। हमारे पास भारी मात्रा में विदेशी पूंजी का भंडार भी है। वैश्विक स्तर पर नकदी संकट के दबाव को कम करने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुद्रा विनिमय की आसान, निष्पक्ष और खुली (नॉन-स्टिगमटाइज्ड) प्रणाली शुरू करने की भी जरूरत बतायी।

दास ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर के नरम पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे निपटने के लिए जिस भी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत होगी, आरबीआई उसके लिए तैयार है।’’ उन्होंने कहा कि सभी केंद्रीय बैंक कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने को संकल्पित हैं। घरेलू उद्योगों के बारे में उन्होंने कहा कि देश में कुछ ही क्षेत्र हैं जो चीन पर निर्भर करते हैं और वह इस महामारी से प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन इसके असर को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का भारत पर प्रभाव सीमित रहेगा क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं करती है, इसलिए उस सीमा तक हम उससे बचे रहेंगे।

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