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राणा कपूर पर RBI के ऑर्डर से यस बैंक को 21658 करोड़ की चपत

RBI ने यस बैंक के सीईओ राणा कपूर के कार्यकाल को 31 जनवरी से आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। इसका असर 21 सितंबर को देखने को मिला जब बैंक का शेयर 31 फीसद से भी ज्‍यादा लुढ़क गया। बैंक को बाजार मूल्‍य के तौर पर 21 हजार करोड़ से भी ज्‍यादा का नुकसान हुआ है।

यस बैंक के सीईओ राणा कपूर। (फाइल फोटो)

शेयर बाजार के लिए शुक्रवार (21 सितंबर) का दिन उथल-पुथल वाला रहा। सेंसेक्‍स में 1500 अंकों तक की गिरावट आई, लेकिन बाजार बाद में संभलकर 280 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान कई कंपनियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। निजी क्षेत्र के यस बैंक को भी तगड़ा वित्‍तीय झटका लगा। हालांकि, इसकी वजह दूसरी है। दरअसल, RBI ने यस बैंक के मौजूदा मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर के कार्यकाल की अवधि को कम कर दिया है। ऐसे में बैंक के प्रदर्शन को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। निजी क्षेत्र के इस बैंक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। ‘रॉयटर्स’ के अनुसार, बैंक के प्रदर्शन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच यस बैंक के बाजार मूल्‍य में 3.1 अरब डॉलर (21,658 करोड़ रुपये से ज्‍यादा) की कमी आई। यस बैंक के लिए यह बड़ा झटका है। बता दें कि RBI ने 19 सितंबर को यह स्‍पष्‍ट कर दिया था कि राणा कपूर 31 जनवरी तक ही यस बैंक के सीईओ के पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इसकी कोई वजह नहीं बताई थी। इसको लेकर निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बन गया। मालूम हो कि यस बैंक का कुल बाजार मूल्‍य 10 अरब डॉलर (72,195 करोड़ रुपये) था।

यस बैंक संस्‍थापकों में हैं राणा कपूर: राणा कपूर यस बैंक के संस्‍थापकों में से एक हैं। यस बैंक को निजी क्षेत्र का पांचवां सबसे बड़ा बैंक बनाने का श्रेय भी उन्‍हें ही दिया जाता है। बता दें कि यस बैंक की कुल संपत्ति का मौजूदा मूल्‍य 43.19 अरब डॉलर (3.11 लाख करोड़ रुपये) है। RBI के निर्देश से पहले यस बैंक के शेयरधारकों ने बतौर सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्‍टर राणा कपूर के कार्यकाल को 3 और वर्षों तक बढ़ाने के पक्ष में फैसला किया था। RBI के निर्देश के बाद अब यह संभव नहीं हो सकेगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक के फैसले के बाद यस बैंक की ओर से अभी तक इस बाबत कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शेयर में बड़ी गिरावट: यस बैंक के शेयर में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को बैंक का शेयर 31.7 फीसद तक लुढ़क गया। भविष्‍य की अनिश्चितता को देखते हुए निजी क्षेत्र के बैंक का ग्रेड भी कम कर दिया गया है। इससे निवेशकों में भी आशंका घर कर गई, जिसका खामियाजा बैंक को चुकाना पड़ा।

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