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यस बैंक धोखाधड़ी केस: CGP&IS के पूर्व अध्यक्ष गौतम थापर के खिलाफ शिकंजा, सीबीआई ने दर्ज किया नया मामला

यस बैंक के साथ 466 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर हाल ही में उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि थापर कथित बैंक धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की कई जांच का सामना कर रहे हैं।

Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | Updated: June 24, 2021 10:16 PM
दक्षिण कोलकाता में प्रिंस अनवर शाह रोड पर यस बैंक की शाखा। (फोटो- पार्थ पॉल- इंडियन एक्सप्रेस)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यस बैंक और बैंकों के अन्य समूह से 2,435 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में बृहस्पतिवार को सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के पूर्व अध्यक्ष गौतम थापर के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया तथा छह स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। थापर, इस तरह के और भी मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं।

सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, पूर्व में क्रॉम्पटर ग्रीव्स लिमिटेड नाम की कंपनी थी। ये छापे मुंबई, दिल्ली और गुड़गांव में मारे गये। अधिकारियों ने बताया कि थापर के खिलाफ यह एक नया मामला है। यस बैंक के साथ 466 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर हाल ही में उन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि थापर कथित बैंक धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की कई जांच का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा मामला यस बैंक सहित 11 अन्य बैंकों के एक समूह की ओर से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शिकायत पर आधारित है।

सीबीआई ने थापर के अलावा सीजी पावर ऐंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, पूर्ववर्ती क्रॉम्पटन ग्रीव्स लिमिटेड, और इसके तत्कालीन अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है, जिनमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक के एन नीलकंठ, कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) माधव आचार्य, निदेशक बी हरिहरन, गैर कार्यकारी निदेशक ओंकार गोस्वामी और सीएफओ वेंकटेश राममूर्ति शामिल हैं।

सीबीआई ने एक बयान में कहा कि यह आरोप है कि उक्त आरोपियों ने एसबीआई और बैंकों के समूह के अन्य बैंकों के साथ धोखाधाड़ी की। उन बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एक्सिस बैंक, यस बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, बार्कलेज बैंक, इंडसइंड बैंक आदि शामिल हैं। प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया है कि 2015 से 2019 के बीच बैंकों के रिण का किसी दूसरे मद में इस्तेमाल किया गया और फर्जी लेनदेन प्रदर्शित किया गया। बयान में कहा गया है कि उन्होंने कथित तौर पर बही खाते, प्रविष्टि, वाउचर में फर्जीवाड़ा किया तथा झूठी सूचना वाले वित्तीय बयान दिये।

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