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वित्तीय संकट या घोटला: क्या गड़बड़ हो गई येस बैंक के साथ

साल 2004 में राणा कपूर ने अपने रिश्तेदार अशोक कपूर के साथ मिलकर इस बैंक की शुरुआत की। 26/11 के मुंबई हमले में अशोक कपूर की मौत हो गई, उसके बाद अशोक कपूर की पत्नी मधु कपूर और राणा कपूर के बीच मालिकाना हक को लेकर लड़ाई शुरू हो गई। मधु अपनी बेटी के लिए बोर्ड में जगह चाहती थीं।

साल 2004 में राणा कपूर ने अपने रिश्तेदार अशोक कपूर के साथ मिलकर इस बैंक की शुरुआत की।

दीपक रस्तोगी

उदारता से ब्याज देने के लिए जाने जा रहे बैंक के बेहद खराब दिन चल रहे हैं। इसकी आर्थिक स्थिति खस्ता है। इसके शेयर कौड़ियों के दाम भी नहीं बिक रहे। 16 साल पहले शुरू हुआ यह बैंक कम समय में देश का चौथा सबसे बड़ा निजी बैंक बन गया। कहा जा रहा है कि इसके संस्थापक रहे राणा कपूर और उनके परिवार ने अंधाधुंध कर्ज बांटे, जो चुकाए नहीं गए। कर्ज लेने वाली कंपनियों ने कथित तौर पर कपूर परिवार को वित्तीय फायदा पहुंचाया। प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वित्तीय हेराफेरी की प्राथमिकियां दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कई सवाल हैं, जिनके उत्तर तलाशे जा रहे हैं।

देनदारी का पहाड़
येस बैंक पर कुल 24 हजार करोड़ डॉलर की देनदारी है। बैंक के पास करीब 40 अरब डॉलर (2.85 लाख करोड़ रुपए) की बैलेंस शीट है। इस बैंक को डूबने से बचाने के लिए कम से कम दो हजार करोड़ डॉलर की देनदारियां चुकानी होंगी। येस बैंक ने इसके लिए अपनी योजना घरेलू धनदाताओं स्टेट बैंक आॅफ इंडिया, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक और जीवन बीमा निगम को सौंपा था। लेकिन इन सबमें योजना पर सहमति नहीं बनी। अगस्त 2018 में बैंक के शेयर का मूल्य 400 रुपए था, जो नकदी की कमी के चलते फिलहाल 37 रुपए के आसपास है। बैंक का बाजार पूंजीकरण 40,000 करोड़ रुपए घट गया है। बाजार पूंजीकरण एक मार्च 2019 को 55,000 करोड़ रुपए था, जो 29 जनवरी को 2020 को घटकर 11,000 करोड़ रुपए पर आ गया।

जनता की पूंजी पर भरोसा
सरकार ने एसबीआइ और अन्य वित्तीय संस्थानों को येस बैंक को उबारने की अनुमति दी है। अगर इस योजना का क्रियान्वयन होता है तो कई साल में यह पहला मौका होगा, जब निजी क्षेत्र के किसी बैंक को जनता के धन के जरिए संकट से उबारा गया। इससे पहले 2004 में ग्लोबल ट्रस्ट बैंक का ओरियंटल बैंक आफ कॉमर्स में विलय किया गया था। 2006 में आइडीबीआइ बैंक ने यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक का अधिग्रहण किया था। इससे करीब छह माह पहले रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंक पीएमसी बैंक के मामले में भी इसी तरह का कदम उठाया गया था।

कमजोर होती नींव
बैंक के संस्थापकों में से एक अशोक कपूर की 2008 में मौत हुई तो कपूर परिवार में कलह शुरू हो गई। अशोक की पत्नी मध, अपनी बेटी शगुन को बैंक के बोर्ड में शामिल करना चाहती थीं, मामला मुंबई की अदालत तक पहुंचा, जिसमें जीत दूसरे संस्थापक राणा कपूर के पक्ष की हुई। राणा कपूर ने अंधाधुंध कर्ज बांटे और आरोप है कि एवज में उन्होंने रिश्वत ली। ईडी और सीबीआइ ने दो हजार करोड़ से ज्यादा की रिश्वत के दस्तावेज जुटाए हैं। कपूर एवं कई अन्य को गिरफ्तार कर जांच शुरू की गई है। इससे पहले जब रिजर्व बैंक ने राणा कपूर को हटाकर रणवीर गिल को बैंक का प्रबंध निदेशक बनाया, तब उम्मीद बंधी। लेकिन बैंक कर्ज की चपेट में आ गया। धीरे-धीरे बैंक के प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी बेचनी शुरू कर दी। अक्तूबर 2019 में नौबत यहां तक पहुंच गई कि राणा कपूर और उनके समूह की हिस्सेदारी घटकर 4.72 फीसद रह गई। येस बैंक के ग्राहकों में ज्यादातर कॉरपोरेट ग्राहक हैं। बैंक ने जिन कंपनियों को कर्ज दिया, उनमें अधिकतर घाटे में हैं। जब कंपनियां डूबने लगीं तो बैंक की हालत भी पतली हो गई।

सीढ़ी दर सीढ़ी फिसलन
येस बैंक को झटके लगन की शुरुआत तब हुई, जब रिजर्व बैंक ने बैंक के अध्यक्ष और सह-संस्थापक राणा कपूर को उनके पद से हटा दिया। कहा गया कि बैंक के कामकाज में कुछ ऐसा है जिसे छुपाया जा रहा है। रिजर्व बैंक को अंदेशा था कि येस बैंक की ओर से बैलेंस शीट में सही जानकारी नहीं दी जा रही है। आरबीआइ ने 31 जनवरी, 2019 तक राणा कपूर से पद छोड़ने को कहा था। मार्च, 2019 में स्विफ्ट नियमों का पालन नहीं करने पर रिजर्व बैंक ने येस बैंक पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया।
अगला झटका क्यूआइपी ने दिया। क्यूआइपी, यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट, जिसके जरिए कंपनियां अपने लिए पूंजी जुटाती हैं। येस बैंक ने क्यूआइपी के जरिए फंड इकट्ठा करने का जो लक्ष्य रखा था, वह हासिल नहीं हुआ। क्यूआइपी से महज 1,930 करोड़ रुपए जुट पाए। इसके बाद मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने बैंक की रेटिंग घटा दी है। मूडीज ने येस बैंक को बी2 से बी3 श्रेणी में डाल दिया।

क्या कहते हैं जानकार

भारत की वित्तीय प्रणाली मजबूत है। एक कंपनी के डूबने का मतलब यह नहीं कि भारतीय वित्तीय प्रणाली हिल गई। यह अस्थायी स्थिति है। अभी येस बैंक के पुनर्गठन के लिए स्टेट बैंक ने जो शुरुआत की है, उसके नतीजे जल्द सामने आएंगे। तीन अप्रैल के पहले हालात सामान्य होंगे।
– दीपक पारेख, चेयरमैन, एचडीएफसी

मेरा मानना है कि आरबीआइ और सरकार के पास ताकत है कि बाजार में तुरंत स्थिरता ले आएं और वित्तीय क्षेत्र को मजबूती प्रदान करें। अगले कुछ दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाना चाहिए।
– उदय कोटक, शीर्ष बैंकर

येस बैंक : एक नजर

साल 2004 में राणा कपूर ने अपने रिश्तेदार अशोक कपूर के साथ मिलकर इस बैंक की शुरुआत की। 26/11 के मुंबई हमले में अशोक कपूर की मौत हो गई, उसके बाद अशोक कपूर की पत्नी मधु कपूर और राणा कपूर के बीच मालिकाना हक को लेकर लड़ाई शुरू हो गई। मधु अपनी बेटी के लिए बोर्ड में जगह चाहती थीं।

देश के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक यानी येस बैंक की मौजूदगी पूरे देश में है। इसका मुख्यालय मुंबई में है। इस बैंक की देश भर में एक हजार से ज्यादा शाखाएं और 1800 एटीएम हैं। येस बैंक की महिला विशेष शाखाएं भी हैं, जो ‘येस ग्रेस ब्रांच’ के नाम से चलाए जाते हैं। इसके अलावा, देश में 30 से ज्यादा ‘येस एसएमई ब्रांच’ भी हैं, जो एसएमई को विशेष सेवाएं मुहैया कराते हैं।

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