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यशवंत सिन्हा का तंज, नरेंद्र मोदी को बधाई, कोविड के मामले में ऊपर होगा भारत और अर्थव्‍यस्‍था भी ढह जाएगी

यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसते हुए लिखा, 'भारतीय लोकतंत्र को स्वर्णिम दौर में पहुंचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई। अगले साल के वादे कुछ और बेहतर होंगे, जब भारत कोरोना के मामलों में टॉप पर होगा और अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो जाएगी।'

yashwant sinhaयशवंत सिन्हा ने किया बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी उतारने का ऐलान।

कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों और अर्थव्यवस्था के लगातार गिरते आंकड़ों को लेकर पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसते हुए लिखा, ‘भारतीय लोकतंत्र को स्वर्णिम दौर में पहुंचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई। अगले साल के वादे कुछ और बेहतर होंगे, जब भारत कोरोना के मामलों में टॉप पर होगा और अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो जाएगी।’ यशवंत सिन्हा ने अपने ट्वीट में एक तरह से कोरोना से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए प्रयासों पर तंज कसा है। बता दें कि कोरोना से निपटने के लिए लागू हुए लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर अर्थव्यवस्था पर ही देखने को मिला है, जबकि वायरस के संक्रमण के मामले में थम नहीं पाए हैं।

यही नहीं यशवंत सिन्हा ने एनडीटीवी के लिए लिखे एक लेख में कहा कि एक बार ताजा आंकड़ों पर नजर रखें और वह देखें जो वे कहते हैं। 2019-20 की आखिरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 3.1 पर्सेंट रही है। यही नहीं पूरे साल की आर्थिक ग्रोथ रेट 4.2% रही है, जो 11 साल के निचले स्तर पर है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को रिसाइकलिंग चैंपियन करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने 8.5 पर्सेंट की जीडीपी ग्रोथ की बात कही थी।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा मोदी सरकार के तीखे आलोचक रहे हैं। वह कई बार केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते रहे हैं और सीधे तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते रहे हैं। इससे पहले 30 मई को भी उन्होंने ट्ववीट कर अर्थव्यवस्था में गिरावट को लेकर तंज कसा था। उन्होंने लिखा था, ‘मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में आर्थिक ग्रोथ रेट में बड़ी गिरावट आई है। ऐसा इस सरकार की किसी खामी के चलते नहीं हुआ है बल्कि पंडित नेहरू की वजह से हुआ है।’

पंडित नेहरू का जिक्र कर भी बोला था हमला: उन्होंने लिखा था कि यदि पंडित नेहरू 1947 से 1964 तक भारत पर शासन न करते तो आज भारत की आर्थिक विकास दर दोगुने अंकों में होती। बता दें कि कोरोना के संकट के चलते प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए जारी पैकेज को लेकर भी कई आर्थिक जानकार नाकाफी बता चुके हैं। नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार को हर गरीब को 1,000 रुपये की रकम देनी चाहिए। उनके अलावा आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भी कहा था कि महज राशन देने से ही गरीबों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। गरीबों की मदद के लिए उन्हें कुछ कैश भी दिया जाना चाहिए।

तब सिन्हा ने कहा था, बेवकूफ बना रही है सरकार: पिछले साल दिसंबर में भी यशवंत सिन्हा ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था ‘बेहद गंभीर संकट’ में घिर चुकी है और मांग निचले स्तर पर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी ‘बड़ी-बड़ी बातों’ से लोगों को यह कहकर बेवकूफ बना रही है कि अगली तिमाही में नतीजे बेहतर होंगे या उसकी अगली तिमाही में नतीजे बेहतर आएंगे।

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