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विश्व आर्थिक मंच: निर्मला सीतारमण ने कहा, वैश्विक मांग बढ़ाने में दक्षिण एशिया की भूमिका अहम

भारत ने कहा है कि दुनिया दक्षिण एशिया क्षेत्र की उपेक्षा नहीं कर सकती है।

Author दावोस | January 18, 2017 10:06 PM
दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण।(AP/PTI/17 Jan, 2017)

भारत ने कहा है कि दक्षिण एशिया अपनी मजबूत आर्थिक वृद्धि और खरीद की बढ़ती ताकत की बदौलत वैश्विक मांग को नरमी से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस क्षेत्र की उपेक्षा नहीं कर सकती है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन में यहां दक्षिण एशिया पर एक सत्र को संबोधित करते हुए निर्मला ने कहा कि दक्षिण एशिया में वृद्धि की संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए साझा बुनियादी और सामाजिक ढांचे का विकास बहुत जरूरी है। इस परिचर्चा में भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के नेताओं और उद्योग व्यापार क्षेत्र की बड़ी हस्तियों ने भाग लिया। कुल मिलाकर 1.8 अरब की आबादी वाला दक्षिण एशिया क्षेत्र विश्व अर्थव्यवस्था में सात प्रतिशत योगदान करता है। दुनिया की एक चौथाई मध्यम वर्गीय आबादी इसी क्षेत्र में रहती है। राजनीतिक और व्यवसाय क्षेत्र के इन नेताओं ने साथ में यह स्वीकार किया कि इनकी सरकारों को गरीबी खत्म करने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है और क्षेत्र के सभी देश गरीबी से अभिशप्त हैं। वाणिज्य मंत्री निर्मला ने कहा कि विशाल श्रम शक्ति, मजबूत आर्थिक वृद्धि और बढ़ती क्रयशक्ति की बदौलत दक्षिण एशिया विश्व अर्थव्यवस्था में मांग उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ‘दुनिया इसकी उपेक्षा नहीं कर सकती।’ पिछले साल आतंकवाद की घटनाओं के चलते पाकिस्तान में होने वाली दक्षेस (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ) शिखर बैठक के रद्द होने के बावजूद उन्होंने कहा कि साफ्टा (दक्षेस मुक्त व्यापार समझौता) लगातार मजबूत हो रहा है और पिछले एक दशक में क्षेत्रीय व्यापार में काफी उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग के इसी सत्र में श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि जब तक भारत और श्रीलंका के बीच क्रिकेट खेला जा रहा है तब तक दोनों देशों के बीच कोई समस्या नहीं है। दोनों देशों में क्रिकेट को धर्म के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका अपने सबसे बड़े पड़ोसी व्यापारिक भागीदार के साथ-साथ दक्षिण एशिया के अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय स्तर पर बातचीत को प्राथमिकता देता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में विभिन्न प्रकार के क्षेत्रीय संबंध बरकरार हैं। ब्रिटेन की कंपनी क्लाइटन, ड्यूबिलियर एंड राइस के परिचालक भागीदार एम एस बंगा ने कहा कि वैश्वीकरण के खिलाफ प्रतिरोध से क्षेत्रीय व्यापार के लिए अवसर बढ़ेंगे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि भारत, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के बीच दो साल पहले हुआ मोटर वाहन समझौता दक्षिण एशिया के बीच मजबूत संबंधों का एक और संकेत देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बेहतर संपर्क का होना देशों और लोगों को एक साथ लाने की रणनीति का अहम हिस्सा होता आया है। ‘अलिफ ऐलान’ के सह संस्थापक व प्रचार निदेशक मुशर्रफ जैदी ने क्षेत्र में बेहतर शिक्षा पर विशेष बल दिए जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि क्षेत्र में 25 वर्ष से कम के युवाओं की विशाल आबादी इस क्षेत्र को जनसंख्या के मामले में अन्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक लाभदायक स्थिति में रखती है। उनका संगठन ‘पाकिस्तान में शिक्षा का आपातकाल खत्म करने का समय’ अभियान चला रहा है।

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