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ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में 174 देशों में 116वें नंबर पर भारत, वर्ल्ड बैंक ने जारी की रैंकिंग, रिपोर्ट पर सवाल उठा चुकी है सरकार

भारत की आपत्तियों पर पूछे जाने पर वर्ल्ड बैंक की ह्यूमन डेवलपमेंट की चीफ इकोनॉमिस्ट रोबर्टा गाटी ने पत्रकारों को बताया कि उनकी टीम ने इसकी क्वालिटी सुधारने के लिए देशों के साथ काम किया है ताकि इसे सबके लिए अच्छा इंडेक्स बनाया जा सके।

labourह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में 116वें नंबर पर आया भारत

विश्व बैंक ने ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में भारत को 116वीं रैंकिंग दी है। बुधवार को जारी रिपोर्ट में भारत को 174 देशों की रैंकिंग में यह स्थान दिया गया है। हालांकि भारत के स्कोर में 2018 के मुकाबले थोड़ी वृद्धि हुई है। वर्ल्ड बैंक के ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स के मुताबिक भारत का स्कोर 0.49 है जबकि 2018 में यह स्कोर 0.44 था। इससे पहले 2019 में वर्ल्ड बैंक की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में भारत को 157 देशों में से 115वीं रैंकिंग दी गई थी। इस पर केंद्र सरकार ने वर्ल्ड बैंक के इंडेक्स पर ही सवाल उठाय़ा था। केंद्र सरकार का कहना था कि वर्ल्ड बैंक ने देश में गरीबों को संकट से उबारने के लिए अपनाई गई नीतियों की उपेक्षा की है।

विश्व बैंक ने 2020 ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में 174 देशों की शिक्षा और स्वास्थ्य का डाटा लिया है। इन 174 देशों में दुनिया की कुल 98% आबादी है। कोरोना से पहले यानी मार्च 2020 तक के इस ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में बच्चों को प्रदान की जाने वाली शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर महत्व दिया गया है। ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स के मुताबिक ज्यादातर देशों ने स्थिर उन्नति की है, जबकि लो-इनकम देशों ने बड़ी छलांग लगाई है। पिछले साल की भारत की आपत्तियों पर पूछे जाने पर वर्ल्ड बैंक की ह्यूमन डेवलपमेंट की चीफ इकोनॉमिस्ट रोबर्टा गाटी ने पत्रकारों को बताया कि उनकी टीम ने इसकी क्वालिटी सुधारने के लिए देशों के साथ काम किया है ताकि इसे सबके लिए अच्छा इंडेक्स बनाया जा सके।

रोबोटा गाटी ने आगे कहा यह इंडेक्स कन्वरसेशन ओपनर है और जो हमने अपने क्लाइंट देशों के साथ इसकी चर्चा की है । रोबोटा गाटी ने कहा हमने अपने कुछ क्लाइंट देशों के साथ सीधे काम किया है ताकि इंडेक्स का उपयोग मेजरमेंट को सुधारने के लिए किया जा सके और भारत उन देशों में से एक है। सवालों का जवाब देते हुए वर्ल्ड बैंक के ह्यूमन डेवलपमेंट ग्रुप की वाइस प्रेसिडेंट ममता मुर्थी ने कहा ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स एक बेसिस प्रदान कर रहा है। इसके आधार पर भारत सरकार ह्यूमन कैपिटल को सपोर्ट करने के लिए डायमेंशन की प्राथमिकताओं पर विचार कर सकता है।

उन्होंने आगे कहा वर्ल्ड बैंक भारत की ऑथोरिटीज के साथ गरीब लोगों की आजीविका में मदद कर रहा है जो ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस दौरान वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट डेविड मालपास ने कहा कोरोनावायरस ने विश्वभर में ऐसा अमानता को बढ़ा दिया है। इसके कारण गरीबी और डिस्ट्रेस में अधिक बढ़ोतरी हुई है। इस महामारी में लोगों को प्रोटेक्ट करने के लिए हम देशों के साथ काम कर रहे हैं। मालपास ने आगे कहा विकासशील देशों पर कोरोनावायरस का ज्यादा प्रभाव हुआ है इसके कारण फॉर्मल और इनफॉर्मल मार्केट तबाह हो गया है। वर्ल्ड बैंक के अनुसार इस दौरान रोजगार में लगभग 12 फ़ीसदी की कमी आई है।

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