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गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द शुरू होने वाला है काम, 13 जिलों को जोड़ते हुए मेरठ से पहुंचेगा प्रयागराज, जानें- कैसा होगा

Ganga Expressway project details: इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 23,436.88 करो़ड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसके अलावा 10,000 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जाने हैं। प्रोजेक्ट पर कुल 39,298 करोड़ रुपये की रकम खर्च होगी।

ganga expresswayगंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द काम शुरू करने जा रही है योगी सरकार

देश के दूसरे सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इस साल के अंत तक काम शुरू करने की योजना बना रही है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की डेडलाइन 2025 तय की गई है। मुंबई से नागपुर को जोड़ने वाले महाराष्ट्र के समृद्धि एक्सप्रेसवे के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा। सूबे के पश्चिमी हिस्से में यह मेरठ को जोड़ेगा और पूर्वी क्षेत्र में इलाहाबाद को जोड़ेगा। 602 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य के कुल 13 जिलों से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक योगी सरकार भविष्य में इसे वाराणासी से जोड़ने का प्रयास कर रही है और फिर अगले चरण में इसे बलिया तक जोड़ा जा सकता है। ऐसा होता है तो 900 किलोमीटर से ज्यादा की लंबाई के साथ यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 23,436.88 करो़ड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसके अलावा 10,000 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जाने हैं। प्रोजेक्ट पर कुल 39,298 करोड़ रुपये की रकम खर्च होगी। UPEIDA के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद सिर्फ 6 से 7 घंटे में दिल्ली से प्रयागराज पहुंचा जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश की आर्थिक प्रगति भी तेज होगी। अवस्थी ने कहा कि दिवाली तक इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जा सकती है और साल के अंत तक काम शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार हो गई है और इसे 12 टुकड़ों में तैयार किए जाएगा। इसके लिए बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्दी ही शुरू की जाएगी। 602 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर कुल 292 अंडरपास, 8 रेल ओवर ब्रिज, 10 फ्लाईओवर, 19 इंटरचेंज और 137 ब्रिज होंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले 2007 में मायावती सरकार ने भी 1,047 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का प्लान तैयार किया था। हालांकि तब इलाहाबाद सरकार ने इस प्रोजेक्ट पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि यह गंगा के बेहद करीब से होकर गुजरेगा। इससे गंगा का बहाव क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। अब योगी सरकार ने गंगा के किनारे से करीब 10 किलोमीटर की दूरी से गंगा एक्सप्रेसवे निकालने का प्लान तैयार किया है।

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