कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अंतराष्ट्रीय बाजारों में क्रूड के भाव करीब उसी स्तर पर लौट आए हैं, जो फरवरी के आखिर में ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल विवाद शुरू होने से पहले थे।
पिछले हफ्ते के आखिर तक ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 71-72 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी बेंचमार्क WTI लगभग 68-69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। मार्च में विवाद बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन युद्ध के कारण आई तेजी अब लगभग खत्म होती नजर आ रही है।
तेल की कीमतों पर दबाव की सबसे बड़ी वजह बढ़ती सप्लाई है। सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने अगस्त से कुल उत्पादन 1.88 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाने की योजना को मंजूरी दी है।
यह लगातार पांचवां महीना है जब उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। नए लक्ष्य के तहत सऊदी अरब और रूस दोनों 62,000 बैरल प्रतिदिन अतिरिक्त उत्पादन करेंगे।
20 साल से ज्यादा समय की सबसे बड़ी मासिक कीमत
इस बीच, सऊदी अरामको ने एशियाई खरीदारों के लिए 20 साल से ज्यादा समय की सबसे बड़ी मासिक कीमत कटौती की है। कंपनी ने अगस्त के लिए ‘अरब लाइट’ क्रूड की आधिकारिक बिक्री कीमत को ओमान-दुबई बेंचमार्क से 1.50 डॉलर प्रति बैरल नीचे कर दिया है। यह जुलाई के मुकाबले 11 डॉलर की गिरावट है और जून 2020 के बाद सबसे कम OSP है।
पिछले महीने यही क्रूड 9.50 डॉलर के प्रीमियम पर बेचा गया था। माना जा रहा है कि सऊदी अरब एशिया में सस्ते रूसी और ईरानी तेल के मुकाबले अपना मार्केट शेयर बचाने की कोशिश कर रहा है। बाजार में ओवरसप्लाई की आशंका भी बढ़ रही है।
OPEC ने 2026 में ग्लोबल ऑयल डिमांड ग्रोथ का अनुमान घटाया
OPEC ने 2026 में ग्लोबल ऑयल डिमांड ग्रोथ का अनुमान 1.17 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटाकर 970,000 बैरल प्रतिदिन कर दिया है। वहीं, IEA को 2026 में करीब 4 मिलियन बैरल प्रतिदिन अतिरिक्त सप्लाई की आशंका है। 2027 में सप्लाई और डिमांड के बीच अंतर और बढ़ सकता है।
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?
जनसत्ता के सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कच्चे तेल की कम कीमतों से अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम नहीं हुई हैं । निजी ईंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।
तेल विपणन कंपनियों ने भी 1 जुलाई से 19 किग्रा के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की है। लेकिन बीपीसीएल, इंडियन ऑयल और एचपीसीएल सहित सरकारी खुदरा विक्रेताओं ने अभी तक पेट्रोल या डीजल की कीमतों में कोई कटौती की घोषणा नहीं की है।
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि ये कंपनियां कच्चे तेल की कम कीमतों से होने वाले लाभ का उपयोग इस साल की शुरुआत में तेल की कीमतों में उछाल के दौरान हुए लगभग 75,000 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई के लिए कर रही हैं।
ईंधन की कीमतों में व्यापक कटौती तभी संभव है जब कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय तक कम बनी रहें और कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगस्त, यानी राज्य चुनावों के आसपास का समय, इसके लिए एक संभावित समय हो सकता है।
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Crude Oil vs Petrol Price: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
