Why Mukesh Ambani, other corporate bigwigs may lose 'a' job - Jansatta
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मुकेश अंबानी और सुनील मित्तल जैसे धनकुबेरों को भी गंवाना पड़ेगा यह पद!

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल को अपना पद छोड़ना होगा।

Author मुंबई | July 24, 2018 12:13 PM
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Pic credit- Indian express)

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल को अपना पद छोड़ना होगा। उनको 1 अप्रैल 2021 से अपना चेयरमैन का पद छोड़ना होगा। इनके साथ कई कॉर्पोरेट्स की 2021 में नौकरी चली जाएगी। दरअसल सेबी 2021 से नए नियम लागू करने जा रहा है। इसके तहत कंपनियों को चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के पद को अलग-अलग करना होगा।इन नियमों के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टीसीएस और भारती एयरटेल समेत 291 सूचीबद्ध कंपनियां एक अप्रैल 2020 तक अपने निदेशक मंडल में एक गैर-कार्यकारी चेयरपर्सन की नियुक्त करनी पड़ेगी। इस कारण कई कंपनियों में चेयरमैन को अपने पद से इस्तीफा देना होगा।

मुकेश अंबानी अभी रिलायंस के सीएमडी है। मतलब चेयरमैन भी और मैनेजिंग डायरेक्टर भी है। इसी तरह सुनील मित्तल भी भारती एयरटेल के सीएमडी है। इनको अपना एक पद छोड़ना होगा। मतलब कंपनियों को चेयरमैन किसी और व्यक्ति को बनाना होगा। वर्तमान में बहुत सी कंपनियों ने सीएमडी (चेयरमैन और प्रबंध निदेशक) के रूप में दोनों पदों का मिला रखा है, जिसके चलते निदेशक मंडल और प्रबंधन में टकराव स्थिति पैदा होती है।भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नये नियमों के मुताबिक, शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों को एक अप्रैल 2020 तक यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके निदेशक मंडल का प्रमुख (चेयरपर्सन) कोई गैर-कार्यकारी निदेशक ही हो।

इससे चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के पद अलग अलग हो जाएंगे। ये नियम कंपनी प्रशासन पर सेबी द्वारा गठित कोटक समिति की सिफारिशों का हिस्सा है।प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक, बाजार पूंजीकरण के लिहाज से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध शीर्ष 500 कंपनियों में से कुल 291 कंपनियों (58.2 प्रतिशत) को सीईओ/एमडी और चेयरपर्सन पद को अलग करने के साथ गैर-कार्यकारी चेयरपर्सन की नियुक्ति करनी होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टीसीएस और भारती एयरटेल के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, ओएनजीसी, कोल इंडिया, लार्सन एंड टुब्रो तथा एचसीएल टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख कंपनियों को दोनों पदों को अलग-अलग करने की जरूरत है।उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मुकेश अंबानी का कार्यकाल कंपनी के प्रबंध निदेशक के रूप में पांच साल के लिये और बढ़ाया है। इसी के साथ वह निदेशक मंडल के चेयरमैन भी हैं।

इसके अलावा आरआईएल, भारती एयरटेल और टीसीएस को एक अप्रैल 2019 तक निदेशक मंडल में कम से कम एक स्वतंत्र महिला निदेशक की भी नियुक्ति करनी होगी। एचडीएफसी, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान जिंक को भी अगले वर्ष तक स्वतंत्र महिला निदेशक की नियुक्त करने की जरूरत होगी।

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