Stock market closing: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। आज 12 जून को दोनों प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी हरे रंग के निशान पर बंद हुए।
आज सेंसेक्स करीब 1695.40 अंक उछलकर लगभग 75,527.95 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 461.30 अंक टूटकर लगभग 23,622.90 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), टाइटन, इटर्नल और एचडीएफसी बैंक के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, सेंसेक्स में शामिल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड ही नुकसान में रहने वाली कंपनियों में शामिल रहीं। सकारात्मक वैश्विक संकेतों से वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.98 प्रतिशत गिरकर 86.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एशिया के अन्य बाजारों का हाल
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 4.63 प्रतिशत और जापान का निक्की सूचकांक 2.81 प्रतिशत चढ़ा। चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी बढ़त में रहे। यूरोपीय बाजार भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 1,987.09 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी।
बाजार में आई तूफानी तेजी की 4 बड़ी वजहें
कच्चे तेल की कीमतें 2 महीने के निचले स्तर पर
ब्रेंट क्रूड गिरकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी गिरावट जारी रही। भारत के लिए, कच्चे तेल की कम कीमतों को आम तौर पर सकारात्मक माना जाता है।
अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों से निवेशकों को राहत
अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक प्रयासों में प्रगति की खबरों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों देश किसी समझौते के करीब हो सकते हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने और प्रमुख शिपिंग मार्गों को फिर से खोलने में मदद मिल सकती है।
बैंकिंग और बड़े शेयरों ने बढ़त को आगे बढ़ाया
कई क्षेत्रों में खरीदारी का रुझान देखा गया, हालांकि बैंकिंग और लार्ज-कैप शेयरों ने सूचकांकों को ऊपर उठाने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
HDFC बैंक सेंसेक्स की बढ़त में प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक बनकर उभरा, जबकि बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, टाइटन और एटरनल में भी जोरदार खरीदारी देखी गई।
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन 5% से अधिक की बढ़त के साथ सबसे आगे रही।
तकनीकी संकेतक
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी कारक भी मौजूदा चाल का समर्थन कर रहे हैं। SBI सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव्स रिसर्च के प्रमुख सुदीप शाह के अनुसार, “प्रमुख सूचकांक मजबूत गैप-अप के साथ खुले लेकिन गति को बनाए रखने में विफल रहे। निफ्टी एक दायरे में रहा है और बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि “23330-23110 का क्षेत्र सूचकांक के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में काम करेगा, जबकि प्रतिरोध 23440-23460 के क्षेत्र में है।” शाह के अनुसार, “23460 से ऊपर जाने की स्थिति में, सूचकांक 23,600 की ओर रैली का विस्तार देख सकता है।”
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 150.63 अंक गिरकर 73,832.55 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 53.35 अंक फिसलकर 23,161.60 अंक पर आ गया था।
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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