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भारत में क्यों नहीं दौड़ पाईं हार्ले डेविडसन की बाइक्स, जानें- क्या रहे बिजनेस समेटने के अहम कारण

हार्ले डेविडसन की बाइक्स पर 56 फीसदी तक का टैक्स लगता है। जिसमें 28 फीसदी जीएसटी के अलावा 25 पर्सेंट कस्टम ड्यूटी और 3 फीसदी सेस है। इसके चलते हार्ले डेविडसन की बाइक भारतीय मीडिल क्लास के हिसाब से महंगी हो जाती है।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 28, 2020 2:24 PM
harley davidsonजानें, अमेरिकी कंपनी हार्ले डेविडसन ने क्यों छोड़ा भारत

अमेरिका की दिग्गज बाइक कंपनी हार्ले डेविडसन ने भारत में अपनी यूनिट बंद करने का फैसला लिया है। हार्ले डेविडसन ने पिछले साल भारत में 10 हजार बाइक्स बेचने का टारगेट रखा था, लेकिन कंपनी सिर्फ 2,676 बाइक्स ही बेच सकी। इसके अलावा पिछले वित्त वर्ष में हार्ले डेविडसन की सेल में 22 फीसदी की गिरावट भी देखने को मिली थी। हार्ले डेविडसन की हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल में असेंबलिंग यूनिट थी। बीते करीब 4 सालों में यह ऐसी 7वीं विदेशी ऑटोमोबाइल कंपनी है, जिसे भारत से अपना कारोबार समेटना पड़ा है। आइए जानते हैं, आखिर धूमधाम से भारत में बिजनेस शुरू करने वाली हार्ले डेविडसन को छोड़ना पड़ा देश…

टैक्स की मार भी पड़ी भारी: हार्ले डेविडसन की बाइक्स पर 56 फीसदी तक का टैक्स लगता है। जिसमें 28 फीसदी जीएसटी के अलावा 25 पर्सेंट कस्टम ड्यूटी और 3 फीसदी सेस है। इसके चलते हार्ले डेविडसन की बाइक भारतीय मीडिल क्लास के हिसाब से महंगी हो जाती है।

कोरोना काल में घटी डिमांड: कोरोनावायरस ने भारत में टू-व्हीलर डिमांड को दो-तीन साल पीछे धकेल दिया है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त में 8.03 मिलियन यूनिट बिक्री के मुकाबले इस बार इस टर्म में सिर्फ 4.13 मिलियन दोपहिया वाहनों की ही बिक्री हुई। इसका बड़ा असर हार्ले डेविडसन पर भी देखने को मिला है।

बाजार को समझने में हुई चूक: दुनियाभर में क्रूजर बाइक सेगमेंट में दिलचस्पी घट रही है‌। अब ग्राहक क्रूजर बाइक के बजाए होंडा, कावासाकी, डुकाटी, सुजुकी, बिनीली आदि की रेसिंग स्पोर्ट बाइक खरीद रहे हैं। भारत में भी रेसिंग स्पोर्ट बाइक्स की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। हार्ले डेविडसन की बाइक्स इसी सेगमेंट की भारतीय रॉयल इनफील्ड के मुकाबले काफी महंगी हैं। हार्ले डेविडसन की भारत में सबसे सस्ती बाइक 4.7 लाख रुपए की है। जबकि रॉयल इनफील्ड ने भारतीय मार्केट को समझते हुए हार्ले डेविडसन के मुकाबले अफोर्डेबल बाइक बाजार में उतारी हैं।

लागत ज्यादा और कम है खर्च: हार्ले डेविडसन की पूरे भारत में सिर्फ 35 डीलरशिप हैं। इसमें भी हार्ले डेविडसन की आधी से ज्यादा बिक्री 800c से कम इंजन वाली बाइक्स की थी। सालभर में हार्ले डेविडसन की एक यूनिट औसतन 70 बाइक्स भी नहीं बेच पा रही थी। इस वजह से इसका ख़र्च भी लगातार बढ़ रहा था। भारत के हिसाब से महंगी बाइक होने के कारण हार्ले डेविडसन रॉयल इनफील्ड, Triumph, Java, Norton जैसी कंपनियों के सामने नहीं टिक सकी। ये सभी कंपनियां सभी रेंज में हार्ले डेविडसन से काफी सस्ती बाइक्स बेच रही हैं।

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