Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखने को मिली। गुरुवार, 1 अक्टूबर को कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,100 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई, जबकि निफ्टी भी 22,300 के स्तर तक फिसल गया।
कारोबार खत्म होने पर दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।सेंसेक्स करीब 570 अंक टूटकर 71,909.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 198.50 अंक गिरकर 22,421.95 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में आज क्यों मचा हाहाकार
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली का भारतीय शेयरों पर दबाव बना हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने 30 सितंबर को 10,148 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। यह लगभग छह महीनों में उनका एक दिन का सबसे बड़ा आउटफ़्लो था।
इससे सितंबर में उनकी कुल बिकवाली लगभग 51,999 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने समर्थन जारी रखा। उन्होंने 30 सितंबर को 11,272 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे सितंबर में उनकी कुल खरीदारी लगभग 80,619 करोड़ रुपये हो गई।
यूएस बॉन्ड यील्ड
यूएस बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी एक और कारक है जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रख रहे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी के विजयकुमार ने कहा, “लगातार एफआईआई बिकवाली पिछले दो ट्रेडिंग दिनों के दौरान और तेज हो गई, जब एफआईआई ने कुल 20,128 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।”
कच्चा तेल
कच्चा तेल भारतीय शेयरों के लिए एक और महत्वपूर्ण कारक है। तेहरान द्वारा यह कहे जाने के बाद कि उसे युद्धविराम के अपने नवीनतम प्रस्ताव पर वाशिंगटन का जवाब मिल गया है, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गए।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी रहीं। एशियाई कारोबार में ब्रेंट में लगभग 1.5% की बढ़त देखी गई।
गिरावट के साथ खुला था शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 1 अक्टूबर को गिरावट के साथ खुला था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 120.30 अंक या 0.17% गिरकर 72,359.99 पर आ गया, जबकि निफ्टी लगभग 40.30 अंक या 0.18% गिरकर 22,580.15 पर आ गया।
यह भी पढ़ें: 1 अक्टूबर से बदल गए पैसों से जुड़े कई नियम
आज यानी 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार से एफडी और एटीएम से जुड़े कुछ नए नियम लागू हो गए हैं। एसबीआई के कुछ ग्राहकों के लिए एटीएम से मुफ्त ट्रांजेक्शन की लिमिट में बदलाव किया गया है। वहीं, बल्क एफडी की ब्याज दरों से जुड़ी जानकारी देने के तरीके में भी बदलाव हुआ है।
इसके अलावा एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर टैक्स से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। इन नए नियमों का असर बैंकिंग और प्रॉपर्टी से जुड़े कई ग्राहकों पर पड़ सकता है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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