देश के सबसे बड़े कारोबारी ग्रुप में से एक टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने दूसरे कार्यकाल के लिए उपलब्ध नहीं रहने का फैसला किया है। इसके बाद समूह में नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है।
चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा। ऐसे में टाटा संस के पास नए चेयरमैन के चयन और नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी के लिए करीब छह महीने का समय है।
इस बीच, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने 13 अगस्त को अगले चेयरमैन के चयन के लिए सिलेक्शन कमेटी गठित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया। ट्रस्ट के अनुसार, यह कमेटी टाटा संस के नए चेयरमैन के नाम की सिफारिश करेगी।
कौन है चेयरमैन पद की रेस में आगे?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रशेखरन के बाद टाटा संस के चेयरमैन के रूप में सबसे आगे टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन नाम हैं।
61 साल के नरेंद्रन साल 1988 में टाटा स्टील से जुड़े थे और उनका पूरा करियर इसी कंपनी में बीता है। वह 2013 से टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
नरेंद्रन को टाटा ग्रुप के अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। टाटा स्टील में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी के भारत के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय कारोबार से जुड़े कई अहम चरणों में नेतृत्व किया है।
चंद्रशेखरन अभी तुरंत नहीं छोड़ेंगे पद
एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को टाटा संस के बोर्ड को बताया था कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। उनका कार्यकाल 20 फरवरी 2027 तक है, इसलिए वह तब तक चेयरमैन बने रहेंगे। इससे टाटा संस को नए नेतृत्व की तलाश और ट्रांजिशन की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। चंद्रशेखरन फरवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे।
5 सदस्यीय कमेटी करेगी नए चेयरमैन की सिफारिश
टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत चेयरमैन के चयन के लिए पांच सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी बनाई जाती है। इसमें तीन सदस्य सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से नामित किए जाते हैं। एक सदस्य टाटा संस बोर्ड नामित करता है, जबकि पांचवां सदस्य बोर्ड की ओर से चुना गया स्वतंत्र सदस्य होता है।
नरेंद्रन के नाम पर क्यों हो रही चर्चा?
टाटा ग्रुप के साथ करीब चार दशक का अनुभव
- टीवी नरेंद्रन साल 1988 से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए हैं। नरेंद्रन ने अपना पूरा प्रोफेशनल करियर टाटा स्टील में बनाया है और 2013 में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बने।
बड़े कारोबार को संभालने का अनुभव
टाटा संस चेयरमैन की भूमिका ग्रुप की अलग अलग कंपनियों की रणनीति, बड़े निवेश और लंबी अवधि की योजनाओं पर नजर रखने की जिम्मेदारी होती है। नरेंद्रन के पास टाटा स्टील जैसी बड़ी औद्योगिक कंपनी को लंबे समय तक संभालने का अनुभव है।
टाटा नेतृत्व से करीबी जुड़ाव
नरेंद्रन का टाटा नेतृत्व के साथ पुराना जुड़ाव भी चर्चा में है। टाटा संस के निदेशक और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, टाटा स्टील के वाइस चेयरमैन हैं। नरेंद्रन ने दिवंगत रतन टाटा को अपना मेंटर भी बताया है।
अभी तय नहीं नरेंद्रन का नाम
टीवी नरेंद्रन का नाम फिलहाल संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में है, लेकिन उन्हें टाटा संस का अगला चेयरमैन चुना जा चुका है, ऐसा नहीं है। अंतिम फैसला सिलेक्शन कमेटी की प्रक्रिया के बाद होगा।
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टाटा समूह की परोपकारी इकाई टाटा ट्रस्ट्स से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 14 अगस्त को समाप्त होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
