भारत के सबसे सफल सेल्फ मेड उद्योगपतियों की बात होती है तो एक ऐसे कारोबारी का जिक्र जरूर होता है, जिसने बेहद कम उम्र में छोटे स्तर से शुरुआत करके वैश्विक पहचान बनाई।
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ऐसा बिजनेस खड़ा किया, जिसकी मौजूदगी आज भारत से लेकर अफ्रीका और यूरोप तक है। उनका नाम देश के सबसे प्रभावशाली और दूरदर्शी उद्योगपतियों में गिना जाता है।
महज 18 साल की उम्र में सुनील भारती मित्तल ने अपने पिता से थोड़े पैसे उधार लेकर कारोबार शुरू किया था। समय के साथ यही छोटा कदम एक बड़े बिजनेस ग्रुप में बदल गया।
कैसे हुई कारोबार की शुरुआत?
सुनील भारती मित्तल ने अप्रैल 1976 में अपना पहला बिजनेस शुरू किया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 18 साल थी। उन्होंने अपने पिता से 20,000 रुपये की पूंजी ली और स्थानीय साइकिल निर्माताओं के लिए क्रैंकशाफ्ट जैसे पुर्जे बनाने लगे। बाद में उन्हें महसूस हुआ कि बड़े स्तर पर काम करने के लिए कारोबार का विस्तार जरूरी है।
इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों राजन मित्तल और राकेश मित्तल के साथ मिलकर Bharti Overseas Trading Company की शुरुआत की, जो आयात निर्यात के कारोबार से जुड़ी थी। इसी दौरान उन्होंने जापानी कंपनी Suzuki के पोर्टेबल जनरेटर भारत में लाने का काम भी किया।
उन्होंने पंजाब की निर्यात कंपनियों से लाइसेंस प्राप्त किए। इतना ही नहीं, उन्होंने जापानी पोर्टेबल इलेक्ट्रिक जनरेटर आयात करने के लिए सुजुकी मोटर्स की डीलरशिप भी हासिल कर ली।
1984 में सुनील भारती मित्तल ने भारत में पुश-बटन फोन बनाना शुरू किया। भारती एयरटेल की वृद्धि और सफलता के पीछे उन्हीं का हाथ है । उन्होंने कंपनी को अफ्रीका की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर और भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनने में मदद की।
परिवार और निजी जिंदगी
Forbes के अनुसार सुनील भारती मित्तल दिल्ली में रहते हैं। वे विवाहित हैं और उनके तीन बच्चे हैं। उनके बेटे श्रविन मित्तल भी Bharti Group के अंतरराष्ट्रीय निवेश और कारोबारी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। परिवार लंबे समय से Bharti Enterprises के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है।
करियर में आया बड़ा मोड़
साल 1984 सुनील मित्तल के करियर का अहम मोड़ साबित हुआ, जब उन्होंने भारत में पुश बटन टेलीफोन बनाने का काम शुरू किया। यहीं से उनकी रुचि दूरसंचार क्षेत्र की ओर बढ़ी। 1995 में उन्होंने दिल्ली में Airtel ब्रांड के तहत मोबाइल सेवाएं शुरू कीं। उस समय भारत में मोबाइल सेवाएं शुरुआती दौर में थीं, लेकिन मित्तल ने इस क्षेत्र की भविष्य की संभावनाओं को जल्दी पहचान लिया।
धीरे धीरे Airtel देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल हो गई और बाद में अफ्रीका समेत कई देशों में भी फैली। कंपनी आज करोड़ों ग्राहकों को सेवाएं देती है।
कितना बड़ा हो चुका है Bharti Group?
1976 में शुरू हुआ Bharti Group अब केवल टेलीकॉम कंपनी नहीं है। समूह की मौजूदगी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और फूड प्रोसेसिंग जैसे कई क्षेत्रों में है।
कितनी है सुनील भारती मित्तल की नेटवर्थ?
Forbes के रियल टाइम डेटा के अनुसार 10 अगस्त 2026 तक सुनील भारती मित्तल की कुल संपत्ति 13.7 अरब डॉलर है। भारतीय रुपये में यह लगभग ₹1,30,478 करोड़ यानी करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये बैठती है।
Forbes उन्हें Self Made अरबपतियों की श्रेणी में रखता है और उनकी संपत्ति का मुख्य स्रोत टेलीकॉम कारोबार है। वे दुनिया के अरबपतियों की सूची में भी शीर्ष भारतीय उद्योगपतियों में शामिल हैं।
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एक कहावत है ‘सब्र का फल मीठा होता है’, इस कहावत को IIT कानपुर के ग्रेजुएट अंकुश सचदेवा ने सच कर दिखाया है। अंकुश ने 17 स्टार्टअप शुरू किए, लेकिन उन्हें एक के बाद एक फेल होते देखा। हां, यह सही है। IIT कानपुर से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट अंकुश ने 17 बार ऐप और स्टार्टअप लॉन्च किए, लेकिन उनमें से कोई भी उन्हें कभी सफल नहीं कर पाया। हालांकि, 2022 में उनकी कंपनी 40,000 करोड़ के वैल्यूएशन तक पहुंच गई। यहां पढ़ें पूरी खबर…
