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एक व्‍हाट्सएप मैसेज के चलते डूब गए 9,200 करोड़ रुपये, मार्केट से कंपनी का सफाया!

ई-कॉमर्स कंपनी इंफीबीम एवेन्‍यूज के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर व्‍हाट्सएप पर एक मैसेज सर्कुलेट हो रहा है। इससे नकारात्‍मक महौल बन गया। ऐसे में कंपनी के शेयरों की बिकवाली तेज हो गई और निवेशकों को इसके चलते 9,200 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

ई-कॉमर्स कंपनी को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। (प्रतीकात्‍मक फोटो)

सोशल नेटवर्किंग साइट का प्रभाव एक बार फिर से देखने को मिला है। शेयर बाजार में देश की पहली लिस्‍टेड ई-कॉमर्स कंपनी इंफीबीम एवेन्‍यूज को व्‍हाट्सएप के सिर्फ एक मैसेज के कारण हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कथित तौर पर कंपनी के संचालन (कॉरपोरेट गवर्नेंस) से जुड़े मुद्दों को लेकर एक मैसेज व्‍हाट्सएप पर चल रहा है। इंफीबीम को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। नकारात्‍मक चर्चा के कराण कंपनी के शेयर में शुक्रवार (28 सितंबर) को 73 फीसद की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे ई-कॉमर्स कंपनी में निवेश करने वालों के 9,200 करोड़ रुपये डूब गए। इंफीबीम के शेयर में एक दिन में तीन चौथाई तक की गिरावट आई। ‘इकोनोमिक टाइम्‍स’ के अनुसार, 7 जनवरी, 2009 के बाद एक दिन में किसी कंपनी के शेयर में यह सबसे बड़ी गिरावट है। नौ वर्ष पहले सत्‍यम कंप्‍यूटर्स सर्विसेज में घोटाला उजागर होने के बाद सॉफ्टवेयर कंपनी के शेयर में एक दिन में 83 फीसद की गिरावट दर्ज की गई थी।

एमकैप में भी कमी: कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर फैले व्‍हाट्सएप मैसेज के कारण इंफीबीम के शेयर्स में गिरावट के साथ ही कंपनी के एमकैप (मार्केट कैपिटलाइजेशन या बाजार पूंजीकरण) में भी भारी कमी आई है। गिरावट से पहले ई-कॉमर्स कंपनी का एमकैप 13,105 करोड़ रुपये था, लेकिन शेयर में गिरावट के बाद कंपनी का एमकैप 3,900 करोड़ तक पहुंच गया।

कंपनी की अकाउंटिंग पर सवाल: व्‍हाट्सएप मैसेज में इंफीबीन की अकाउंटिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि कंपनी ने गलत प्रक्रिया के तहत एक सब्सिडियरी कंपनी को बिना ब्‍याज के असुरक्षित लोन दिया है। लोन को 8 वर्षों में चुकाना है। इस मैसेज के सर्कुलेट होते ही कंपनी के शेयरों की बिकवाली शुरू हो गई थी। यह मैसेज इक्‍वीरस कैपिटल का हवाला देते हुए सर्कुलेट किया गया था। हालांकि, इक्‍वीरस ने इंफीबीम एवेन्‍यूज को लेकर इस तरह का विश्‍लेषण जारी करने से इनकार किया है। ई-कॉमर्स कंपनी ने सब्सिडियरी कंपनी एनएसआई इंफीनियम ग्‍लोबल को शुरुआत में ही कम अवधि वाला अनसिक्‍योर्ड लोन दिया था। कंपनी के प्रवक्‍ता ने बताया कि इससे कंपनी के प्रमोटर्स की स्थिति में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया।

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