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Credit Report: ऐसे जानें अपनी क्रेडिट रिपोर्ट के बारे में, इसलिए नहीं देते बैंक लोन और क्रेडिट कार्ड

Credit Report: जब आप एक लोन के लिए आवेदन करते हैं तब उधारदाता, ब्याज दर का निर्धारण करने के लिए या यह पता लगाने के लिए कि आप लोन पाने के योग्य हैं या नहीं, आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखता है।

Author April 26, 2018 3:50 PM
क्रेडिट स्कोर आम तौर पर 300 से 900 के बीच होता है और यदि आपका स्कोर 750 के निशान को पार कर जाता है तो उसे वित्तीय संस्थानों द्वारा उधार देने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

आदिल शेट्टी
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को देखकर आप अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। कम से कम वित्तीय संस्थानों का तो यही मानना है। प्रत्येक उधारदाता एक व्यक्ति की उधार क्षमता का जायजा लेने के लिए उसके क्रेडिट स्कोर को देखता है। आपके क्रेडिट स्कोर से आपके क्रेडिट इतिहास और लोन चुकाने की पद्धति का पता चलता है जो क्रेडिट ब्यूरो को लेनदारों और उधारदाताओं द्वारा भेजी गई जानकारी पर आधारित होती है। आपका स्कोर बढ़िया है और वित्तीय संस्थानों द्वारा क्रेडिट रेटिंग ब्यूरो को भेजी जाने वाली जानकारी सटीक है, यह सुनिश्चित करने के लिए आपको समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते रहनी चाहिए। तो आइए देखते हैं कि आपको एक क्रेडिट रिपोर्ट में किन-किन महत्वपूर्ण बातों की जांच करनी चाहिए।

व्यक्तिगत जानकारी: क्रेडिट रिपोर्ट में आपकी व्यक्तिगत जानकारी रहती है जिसमें आपका नाम, लिंग, जन्म तिथि, ईमेल आईडी, मोबाइल और टेलीफोन नंबर, पता और पैन नंबर शामिल है। सुनिश्चित करें कि रिपोर्ट में दी गई व्यक्तिगत जानकारी ठीक है। यदि ये विवरण गलत हैं तो इससे समस्या पैदा हो सकती है। उदाहरण के लिए यह पहचान की चोरी का संकेत दे सकता है या आपकी रिपोर्ट में किसी और की जानकारी दिखाई दे रही है। आपको तुरंत अपने लेनदार से संपर्क करके उसे ठीक करवा लेना चाहिए।

अकाउंट संबंधी विवरण: एक क्रेडिट रिपोर्ट में उधारदाता के विवरणों के साथ-साथ आपके सभी मौजूदा और भूतपूर्व लोन अकाउंट की जानकारी रहती है। आपका अकाउंट नंबर, लोन की संख्या, लोन के प्रकार, एक विशेष तिथि को बकाया लोन राशि, मंजूरी की तारीख, लोन की ब्याज दर, अंतिम 36 महीने तक का मासिक चुकौती रिकॉर्ड, कोलैटरल का विवरण (यदि कोई हो), बकाया चुकौती से संबंधित विवरण, अतीत में निपटाया गया लोन और लोन चुकाने में चूक, इत्यादि सभी विवरणों की जांच करनी चाहिए। यदि रिपोर्ट में दिखाए गए विवरणों में कोई असमानता दिखाई देती है तो उसे ठीक करने के लिए आपको तुरंत अपने उधारदाता से संपर्क करके रिपोर्ट को अपडेट करवा लेना चाहिए।

स्कोर को प्रभावित करने वाले कारक: क्रेडिट स्कोर आम तौर पर 300 से 900 के बीच होता है और यदि आपका स्कोर 750 के निशान को पार कर जाता है तो उसे वित्तीय संस्थानों द्वारा उधार देने के लिए उपयुक्त माना जाता है। यदि आपका स्कोर 750 से कम है तो आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले कारकों की सूची की जांच करें। इन्हें आम तौर पर रिपोर्ट में हाईलाईट किया गया होता है। स्कोर पर आम तौर पर बुरा असर डालने वाले कारकों में शामिल हैं – बकाया भुगतान, चूक, बट्टे खाते में डालना, दिवालियापन घोषित होना, देर से भुगतान, इत्यादि। इन पर ध्यान दें और अपने स्कोर को बेहतर बनाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाएं।

उधारदाताओं की तरफ से कड़ी पूछताछ: जब आप एक लोन के लिए आवेदन करते हैं तब उधारदाता, ब्याज दर का निर्धारण करने के लिए या यह पता लगाने के लिए कि आप लोन पाने के योग्य हैं या नहीं, आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखता है। एक व्यक्ति की उधार क्षमता के बारे में जानने के लिए उधारदाताओं द्वारा की गई पूछताछ को कड़ी पूछताछ कहा जाता है और आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर इसका बुरा असर पड़ता है। पूछताछ के बाद, आपकी रिपोर्ट में पूछताछ की तारीख, लोन या कर्ज का विवरण, लोन की रकम जिसके लिए पूछताछ की गई थी, इत्यादि विवरण दिखाई देंगे।

बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। इसलिए एक बार आपके लोन का आवेदन अस्वीकार कर दिए जाने पर बार-बार लोन के लिए आवेदन करने से परहेज करें, जब तक ऐसा करना बहुत जरूरी न हो। लोन के बारे में पुछताछ करते समय, बैंक को सिर्फ तभी कड़ी पूछताछ करने की अनुमति दें जब आपको यकीन हो कि मंजूरी मिल जाने के बाद आप लोन लेंगे। क्योंकि बेकार में बार- बार पूछताछ के कारण ऐसा लग सकता है कि आप कर्ज के भूखे हैं।
लेखक बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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