टाटा संस की मंगलवार दोपहर 2:30 बजे होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जरूरी कोरम पूरा नहीं होने की स्थिति में AGM को स्थगित किया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) पर लगी वह रोक है, जिसके चलते ट्रस्ट फिलहाल बोर्ड मीटिंग नहीं बुला सकता।
टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत कंपनी की AGM के लिए सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) को मिलकर एक प्रतिनिधि नॉमिनेट करना होता है। दोनों ट्रस्ट, कुछ छोटे टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी रखते हैं।
प्रतिनिधि नॉमिनेट नहीं होने से बढ़ी मुश्किल
SRTT के बोर्ड की बैठक नहीं हो पाने के कारण दोनों प्रमुख ट्रस्ट मिलकर AGM के लिए जरूरी प्रतिनिधि नॉमिनेट नहीं कर पाए हैं। ऐसे में बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा होने पर सवाल खड़ा हो गया है।
जनसत्ता के सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल 87 के मुताबिक, अगर तय समय से 30 मिनट के भीतर जरूरी कोरम पूरा नहीं होता है, तो AGM को स्थगित करना पड़ता है।
चंद्रशेखरन की री-अपॉइंटमेंट और डिविडेंड पर फैसला
AGM के प्रमुख एजेंडे में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्ति और वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डिविडेंड को मंजूरी देना शामिल है।
टाटा संस की FY26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड ने प्रत्येक शेयर पर 1,10,717 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश की थी। इससे कुल 4,478.58 करोड़ रुपये का भुगतान बनता है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 70.6% अधिक है। अगर AGM टलती है, तो इन प्रस्तावों पर भी फिलहाल फैसला नहीं हो पाएगा।
मई में SRTT पर लगी थी रोक
सर रतन टाटा ट्रस्ट पर यह रोक महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की ओर से मई में जारी किए गए एक निर्देश के बाद लगी थी। अथॉरिटी ने कहा था कि वह ट्रस्ट के गवर्नेंस में कथित चूक के आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने तक SRTT को बोर्ड मीटिंग आयोजित नहीं करने का निर्देश दिया गया था।
पिछले कुछ दिनों में SRTT ने चैरिटी कमिश्नर से इस रोक से अस्थायी राहत देने की मांग भी की है, लेकिन उसे अब तक सफलता नहीं मिली है। ट्रस्ट के पास इस मामले में ऊपरी अदालत का रुख करने का विकल्प मौजूद है, हालांकि अभी तक उसने इस विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया है।
ऐसे में मंगलवार को होने वाली टाटा संस की AGM में कोरम पूरा होता है या नहीं, इस पर सबकी नजर है।
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देश के सबसे बड़े कारोबारी ग्रुप में से एक टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने दूसरे कार्यकाल के लिए उपलब्ध नहीं रहने का फैसला किया है। इसके बाद समूह में नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
