Jansatta Explained: देश में 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी) में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। इस चुनाव के दौरान ब्लू इकोनॉमी (What is Blue Economy) का मुद्दा कई बार चर्चा में आया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपने भाषण में मछली उत्पादन और सी-फूड एक्सपोर्ट को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इस मुद्दे को उठाया। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर ये ब्लू इकोनॉमी क्या होती है और बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव के लिए ये अहम मुद्दा क्यों है…
ब्लू इकोनॉमी क्या होती है?
ब्लू इकोनॉमी का मतलब समुद्र और उससे जुड़े संसाधनों का समझदारी और टिकाऊ तरीके से इस्तेमाल करना है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था बढ़े, लोगों को रोजगार के अवसर मिलें साथ ही समुद्री पर्यावरण भी सुरक्षित बना रहे।
वर्ल्ड बैंक के अनुसार,ब्लू इकोनॉमी के दायरे में समुद्र से जुड़ी ये कई अहम आर्थिक गतिविधियां आती हैं –
नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy)
समुद्र से मिलने वाली टिकाऊ ऊर्जा सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पर्यटन (Tourism)
समुद्र और तटीय क्षेत्रों का पर्यटन रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। वर्ल्ड बैंक की वेबसाइट के अनुसार, तटीय अल्प विकसित देश (LDCs) और छोटे द्वीपीय विकासशील देश (SIDS) हर साल 4.1 करोड़ से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
समुद्री परिवहन (Maritime Transport)
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 80% से अधिक सामान समुद्र के रास्ते भेजा जाता है।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change)
जलवायु परिवर्तन का महासागरों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि, महासागर एक महत्वपूर्ण कार्बन सिंक भी हैं, जो कार्बन को अवशोषित कर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं।
मछली पालन (Fisheries)
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, समुद्री मछली पालन वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और हर साल 270 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का योगदान वैश्विक GDP में करता है।

ब्लू इकोनॉमी के लिए सरकार क्या कर रही है
पीआईबी के अनुसार, भारत सरकार ने समुद्री संसाधनों के निरंतर इस्तेमाल और समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए साल 2021 में ड्राफ्ट ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी जारी की थी। यह ड्राफ्ट नीति Ministry of Earth Sciences ने फरवरी 2021 में सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी की, जिसका उद्देश्य फिशरी, समुद्री परिवहन, ऑफशोर ऊर्जा और समुद्री जैव-संसाधनों जैसे क्षेत्रों के समन्वित विकास का रोडमैप तैयार करना था। इस नीति का फोकस समुद्री संसाधनों का टिकाऊ उपयोग, तटीय इकोसिस्टम का संरक्षण और तटीय कम्यूनिटी की आजीविका को मजबूत करना था।
हालांकि, अभी तक ब्लू इकोनॉमी पॉलिसी को औपचारिक रूप से अंतिम रूप देकर नोटिफाई नहीं किया गया है। इसके बावजूद सरकार ने समुद्री अर्थव्यवस्था से जुड़े कई कार्यक्रम और योजनाएं शुरू की हैं। इनमें समुद्री अनुसंधान और संसाधन दोहन को बढ़ावा देने के लिए भारत का गहरे महासागर मिशन (Deep Ocean Mission), मत्स्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना जैसी पहलें शामिल हैं।
इसके अलावा 1 फरवरी 2024 को पेश अंतरिम बजट 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्लू इकोनॉमी 2.0 शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य जलवायु-अनुकूल समुद्री गतिविधियों को बढ़ावा देना,तटीय जलकृषि और सागरीय कृषि का विकास करना तथा तटीय इकोसिस्टम के संरक्षण के साथ समुद्री अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है।
बंगाल, केरल, तमिलनाडु, और पुडुचेरी, चुनाव के लिए अहम मुद्दा क्यों है?
बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा समुद्र से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर करता है। इन क्षेत्रों में मछली पकड़ना, समुद्री व्यापार, शिपिंग और तटीय पर्यटन जैसे सेक्टर बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करते हैं। NITI Aayog की ब्लू इकोनॉमी से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मछली पालन क्षेत्र अकेले ही करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका को सहारा देता है, जिनमें बड़ी संख्या तटीय राज्यों के समुदायों की है।
हाल ही में पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पिछले 11 वर्ष में भारत का मछली उत्पादन डबल हुआ है। भारत का सी फूड एक्सपोर्ट डबल हुआ है।’
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, ’10 साल पहले असम भी दूसरे राज्यों से फिश इंपोर्ट करता था। बीते दशक में वहां भी फिश प्रोडक्शन डबल हुआ। आज असम भी अपनी फिश की रिक्वायरमेंट तो पूरी करता है, दूसरे राज्यों को भी फिश एक्सपोर्ट करता है।’
इससे पहले पीएम मोदी ने 11 मार्च 2026 को कोच्चि में अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में भी ब्लू इकोनॉमी को लेकर जिक्र किया था।
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