क्या आपको लगता है कि एक बार क्रेडिट स्कोर कम हो गया तो वह हमेशा ऐसा ही रहेगा? ऐसा नहीं है। अच्छी वित्तीय आदतें अपनाकर कई लोग 6 महीने के भीतर अपने स्कोर में सुधार देखना शुरू कर देते हैं। इसमें कोई शॉर्टकट या जादुई तरीका नहीं, बल्कि सही प्लान और नियमित भुगतान सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।

क्रेडिट स्कोर सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि यह तय करता है कि आपको लोन कितनी आसानी से मिलेगा और उस पर कितना ब्याज देना होगा। बेहतर स्कोर होने पर होम लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जबकि कम स्कोर कई वित्तीय फैसलों को मुश्किल बना सकता है…

  1. क्रेडिट कार्ड बिल समय पर भरें: यह पेमेंट हिस्ट्री क्रेडिट स्कोर का सबसे बड़ा हिस्सा होती है। एक भी लेट पेमेंट आपके स्कोर पर नेगेटिव असर डाल सकती है। इसलिए सभी EMI और बिल की तय तारीख याद रखें।
  2. क्रेडिट कार्ड की लिमिट का कम इस्तेमाल करें: अगर आपके कार्ड की लिमिट ₹1 लाख है, तो कोशिश करें कि हर महीने 30% यानी ₹30,000 से कम खर्च करें। कम क्रेडिट उपयोग यह दिखाता है कि आप जिम्मेदारी से उधार का इस्तेमाल करते हैं।
  3. एक साथ न करें कई लोन के लिए आवेदन: अगर आप बार-बार नए लोन के लिए आवेदन करते है तो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर कई हार्ड इन्क्वायरी दर्ज होती हैं। इससे स्कोर अस्थायी रूप से घट सकता है।
  4. नियमित जांचें अपनी क्रेडिट रिपोर्ट: आप कम से कम साल में एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर देखें। अगर उसमें कोई गलत जानकारी, डुप्लीकेट लोन या गलत लेट पेमेंट दर्ज है, तो तुरंत संबंधित क्रेडिट ब्यूरो या बैंक से सुधार की मांग करें।
  5. जल्दबाजी में बंद न करें पुराने क्रेडिट कार्ड: पुराना क्रेडिट अकाउंट आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत बनाता है। यदि उस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है, तो उसे चालू रखना अक्सर स्कोर के लिए बेहतर माना जाता है।

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जर्मनी की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी फॉक्सवैगन ने अपने 89 साल के इतिहास का सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पेश किया है। शुक्रवार को कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने सर्वसम्मति से ‘Future Plan 2030’ को मंजूरी दी, जिसके तहत करीब 1 लाख नौकरियां खत्म की जाएंगी और कंपनी अपनी कारों की मॉडल रेंज को लगभग आधा कर देगी। यहां पढ़ें पूरी खबर…