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भारत के टॉप अमीरों में शामिल नुस्ली वाडिया ने कर दिया था भारत छोड़ने से इनकार, नाना थे मोहम्मद अली जिन्ना

नुस्ली वाडिया ने पिता नेविल वाडिया से कहा, 'मैं किसी यूरोपीय देश में सेंकेड क्लास सिटिजन बनकर नहीं रहना चाहता है। मैं भारत में ही रहूंगा और बॉम्बे डाइंग कंपनी को चलाता रहूंगा।'

muhammad ali jinnah nusli wadiaनुस्ली वाडिया और मोहम्मद अली जिन्ना

देश के सबसे पुराने औद्योगिक घरानों में से एक वाडिया फैमिली आज देश में कपड़ों से लेकर बिस्किट तक के कारोबार में दखल रखती है। मशहूर बॉम्बे डाइंग कंपनी और वाडिया ग्रुप की कमान फिलहाल नुस्ली वाडिया के हाथों में है। चेयरमैन के तौर पर वाडिया ग्रुप का कारोबार संभाल रहे नुस्ली वाडिया का पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से भी गहरा कनेक्शन है। आइए जानते हैं, नुस्ली वाडिया के बारे में कुछ दिलचस्प बातें…

ब्रिटानिया से लेकर गोएयर और बॉम्बे डाइंग तक के मालिक और देश के 18वें सबसे अमीर शख्स नुस्ली वाडिया को यह कारोबार लंबी विरासत के तहत मिला है। 1736 में स्थापित वाडिया ग्रुप के कारोबार में नुस्ली वाडिया ने 1970 के दशक में कदम रखा था। शुरुआत से ही नुस्ली वाडिया अपनी जिद के पक्के व्यक्ति थे और जो उन्हें सही लगता था, उसके लिए वह किसी भी लड़ जाते थे। ऐसा ही एक वाकया उनका अपने पिता के साथ भी हुआ था। दरअसल उनके पिता नेविल वाडिया बॉम्बे डाइंग कंपनी बेचना चाहते थे औऱ भारत छोड़कर किसी और देश में रहना चाहते थे। इस पर नुस्ली वाडिया ने तीखा विरोध किया और कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने अपने पिता से कहा, ‘मैं किसी यूरोपीय देश में सेंकेड क्लास सिटिजन बनकर नहीं रहना चाहता है। मैं भारत में ही रहूंगा और बॉम्बे डाइंग कंपनी को चलाता रहूंगा।’ नुस्ली वाडिया की इस बात का उनके पूरे परिवार ने समर्थन किया और इस तरह से वाडिया ग्रुप भारत में ही रह गया।

मां दीना वाडिया ने भी नहीं छोड़ा था भारत: कहा जाता है कि नुस्ली वाडिया की यह कोशिश उनकी मां दीना वाडिया औऱ टाटा ग्रुप के जेआरडी टाटा के चलते कामयाब हुई थी। दरअसल दीना वाडिया खुद भी भारत छोड़कर नहीं जाना चाहती थीं। बता दें कि दीना वाडिया पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की बेटी थीं। देश के विभाजन के पश्चात उन्होंने भी पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था और भारत में ही रहने का फैसला लिया था। अपनी मां के रास्ते पर ही एक बार फिर नुस्ली वाडिया आगे बढ़े और भारत में ही रहने का फैसला लिया। हालांकि नुस्ली वाडिया के पास ब्रिटेन की भी नागरिकता है।

नुस्ली वाडिया के नाना थे मोहम्मद अली जिन्ना: पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना नुस्ली वाडिया के नाना थे। कहा जाता है कि पारसी नेविल वाडिया से दीना के शादी करने के चलते मोहम्मद अली नाखुश थे और यहीं से पिता और पुत्री के बीच संबंध कमजोर होते चले गए। एक तरफ पाकिस्तान की मांग करने वाले जिन्ना और दूसरी तरफ उनकी बेटी के गैर-मुस्लिम से शादी करने को लेकर वह असहज थे। अंत में विभाजन के पश्चात जिन्ना भले ही भारत से चले गए, लेकिन दीना वाडिया भारत में ही रहीं। मोहम्मद अली जिन्ना की पत्नी और दीना की मां रतन बाई भी पारसी महिला थीं।

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