फॉक्सवैगन अपने 89 साल के इतिहास के सबसे बड़े बदलाव की तैयारी में है। CEO ओलिवर ब्लूम 1,00,000 तक नौकरियां खत्म करने और जर्मनी में चार प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने की योजना बना रहे हैं।
‘मैनेजर मैगज़ीन’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना में कार बनाने वाली कंपनी अगले पांच सालों में अपने नियोजित निवेश को लगभग 15% कम करके €130 बिलियन ($148 बिलियन) से थोड़ा ज्यादा करने पर भी विचार कर रही है।
रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मैगजीन ने सूत्रों के हवाले से कहा कि ब्लूम और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अर्नो एंटलिट्ज़ कंपनी को बुनियादी तौर पर फिर से व्यवस्थित करना चाहते हैं, जिसमें मुख्य VW ब्रांड और इसके पार्ट्स के कामकाज को अलग-अलग कंपनियों में बांटना शामिल है।
ब्लूम पर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी की किस्मत बदलने का दबाव है, क्योंकि इसे टैरिफ, चीन से मुकाबले और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर महंगे बदलाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कमाई पर असर पड़ा है।
उन्होंने अपने मुख्य ऑटोमोटिव बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बड़े ऑटो ग्रुप के पोर्टफोलियो को छोटा करने का वादा किया है। VW का कहना है कि ‘बड़े बदलाव’ की जरूरत है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मध्यम अवधि में, फॉक्सवैगन की योजना है कि मौजूदा वाहन मॉडल के बंद होने के बाद हनोवर, ज़्विकौ और एमडेन में अपने प्लांट के साथ-साथ ऑडी की नेकरसल्म साइट पर भी प्रोडक्शन बंद कर दिया जाए।
ये प्रस्ताव 50,000 नौकरियां खत्म करने के मौजूदा प्रोग्राम से कहीं आगे होंगे और ये यूनियन के साथ 2024 के उस समझौते के बावजूद आए हैं जिसमें इस दशक में जर्मनी में प्लांट बंद करने पर रोक लगाई गई थी।
फॉक्सवैगन के प्रवक्ता ने “गोपनीय दस्तावेजों” पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि फैसलों पर कंपनी की गवर्निंग बॉडी चर्चा करेंगी और उन्हें मंजूरी देंगी। प्रवक्ता ने कहा, “पूरे ग्रुप को जिसमें इसके ब्रांड और सब्सिडियरी शामिल हैं, बड़े बदलाव से गुजरना होगा।”
VW की वर्क्स काउंसिल और जर्मनी की ताकतवर IG मेटल यूनियन ने चेतावनी दी है कि वे ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेंगे।
उन्होंने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान में कहा, “अगर ऐसी योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो हम उन्हें रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।”
2025 फाइनेंशियल ईयर में ग्रुप के ग्लोबल वर्कफोर्स की संख्या 667,164 थी, जिसमें से लगभग 43% लोग जर्मनी में काम कर रहे थे। इसका मतलब है कि कटौती से कुल वर्कफोर्स का लगभग 15% हिस्सा प्रभावित होगा।
‘मैनेजर मैगज़ीन’ के अनुसार, ये योजनाएं ब्लूम के 2030 के लिए ‘ग्रुप टारगेट पिक्चर’ कॉन्सेप्ट का हिस्सा हैं। उन्होंने हाल ही में इसे एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सामने पेश किया था और 9 जुलाई को इसे सुपरवाइजरी बोर्ड के सामने पेश करने की योजना है। सुबह के कारोबार में VW के शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं दिखा, जबकि जर्मनी का ब्लू-चिप DAX इंडेक्स 1.1% नीचे था।
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