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Vodafone Idea ने कहा- नहीं दे पाएंगे इतने पैसे में सर्व‍िस, 1 दिसंबर बढ़ेगा टैरिफ; Airtel भी उसी रास्‍ते पर

हालांकि, वोडाफोन-आइडिया ने टैरिफ में प्रस्तावित बढ़ोतरी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं साझा की है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 18, 2019 8:49 PM
(फोटो-PTI)

कर्ज के बोझ तले दबी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सेवाएं मौजूदा रेट्स पर अब और नहीं दे पाएगी। सोमवार (18  नवंबर, 2019) को कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “उपभोक्ताओं को विश्वस्तरीय डिजिटल अनुभव सुनिश्चित कराने के लिए हम एक दिसंबर 2019 से टैरिफ के दाम में इजाफा कर देगी।” हालांकि, कंपनी ने टैरिफ में प्रस्तावित बढ़ोतरी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं साझा की है। इसी बीच, एयरटेल ने भी आगामी दिसंबर से अपनी सेवा दरें बढ़ाने का निर्णय कर लिया है।

बता दें कि कंपनी को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 50,922 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। किसी भारतीय कंपनी का एक तिमाही में यह अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है। समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर बकाए के पेमेंट के लिए जरूरी प्रावधान करने से उसे यह नुकसान हुआ है।

दरअसल, कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला देते हुए वोडाफोन आइडिया समेत बाकी टेलीकॉम कंपनियों को बकाए का भुगतान दूरसंचार विभाग को करने का निर्देश दिया है। वोडाफोन आइडिया ने इस बाबत कहा कि अब कारोबार जारी रखने की उसकी क्षमता सरकारी राहत और कानूनी विकल्पों के सकारात्मक नतीजों पर निर्भर करेगी।

कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, “टेलीकॉम क्षेत्र में गंभीर वित्तीय संकट को सभी हितधारकों ने माना है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति उचित राहत देने पर विचार कर रही है।”

एयरटेल भी इसी रास्ते परः टेलीकॉम क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयरटेल भी अपने कारोबार को और व्यवहारिक बनाने के लिए दिसंबर से मोबाइल सेवाएं महंगी कर देगी। सोमवार को जारी कंपनी के बयान में कहा गया- दूरसंचार क्षेत्र में तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के साथ काफी पूंजी की आवश्यकता होती है, जिसमें इसमें लगातार निवेश की जरूरत होती है। यही वजह है कि डिजिटल इंडिया के विचार का समर्थन करने के लिए उद्योग को व्यवहारिक बनाये रखा जाए।

बकौल एयरटेल, ” इसे देखते हुए हम दिसंबर में उचित दाम बढ़ाएंगे।” बता दें कि भारती एयरटेल को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 23,045 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। कंपनी ने रेट्स में इजाफे संबंधी घोषणा के अलावा यह भी कहा कि वह मानती है कि दूरसंचार नियामक ट्राई भारतीय मोबाइल क्षेत्र में मूल्य निर्धारण में तर्कसंगत व्यवहार लाने के लिए सलाह- मशविरा की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

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