वोडाफोन-आइडिया के 28.19 करोड़ ग्राहकों को लग सकता है बड़ा झटका, कंपनी ले सकती है ये फैसला

Vodafone Idea Crisis: सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन-आइडिया समेत तीन कंपनियों की एजीआर बकाया की दोबारा गणना की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इससे कंपनी के सामने सरवाइवल का संकट खड़ा हो गया है। यदि सरकारी राहत पैकेज नहीं मिलता है तो कंपनी दिवालिया के आवेदन जैसा फैसला ले सकती है।

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भारत में मोबाइल और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को यूज करने वाले करोड़ों लोग हैं। (Photo Source- Bloomberg)

देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया अपने 28.19 करोड़ ग्राहकों को बड़ा झटका दे सकती है। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी एजीआर संबंधी बकाया के मोर्चे पर राहत नहीं मिलने के बाद कंपनी दिवालिया प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकती है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज की एजीआर संबंधी बकाया की दोबारा गणना करने वाली याचिका खारिज कर दी है। इससे वोडाफोन-आइडिया के सामने एजीआर संबंधी बकाया के भुगतान में दिक्कत हो सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में एनालिस्ट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया की फंड जुटाने की योजना विफल हो सकती है। ऐसे में टैरिफ बढ़ाए बिना वोडाफोन-आइडिया के पास पैसा जुटाने का कोई और रास्ता नहीं है। मौजूदा प्राइस वार को देखते हुए टैरिफ बढ़ाने की गुंजाइश कम है। ऐसे में अगले साल अप्रैल के बाद कंपनी को सरवाइव करने में दिक्कत हो सकती है। यदि कंपनी को सरकार से कोई राहत पैकेज नहीं मिलता है तो कंपनी दिवालिया प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकती है।

डीओटी से मांगा समय: वोडाफोन-आइडिया की आर्थिक हालत को लेकर डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन यानी डीओटी भी चिंतित है। डीओटी का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कर्ज में डूबी वोडाफोन के सरवाइल को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। वोडाफोन ने 25 जून को डीओटी से सचिव अंशु प्रकाश को पत्र लिखकर हाल में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के भुगतान को लेकर अप्रैल 2023 तक का समय मांगा है। डीओटी के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि अभी तक वोडाफोन ने तिमाही भुगतान सही समय पर किया है। लेकिन अब कंपनी के सरवाइव को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। भविष्य में कंपनी को बड़ा भुगतान करना है।

मार्च 2022 तक करना है 9000 करोड़ के एजीआर का भुगतान: स्पेक्ट्रम फीस के अलावा वोडाफोन आइडिया को मार्च 2022 तक 9 हजार करोड़ रुपए की एजीआर संबंधी किस्त का भुगतान करना है। यह एजीआर संबंधी भुगतान की पहली किस्त होगी। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 10 साल में समान वार्षिक किस्तों में एजीआर बकाया भुगतान करने को मंजूरी दी थी। इसके अलावा कंपनी को लगातार ऑपरेशनल घाटा हो रहा है। वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को 6,985.1 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा रहा है।

वोडाफोन के पास 28.19 करोड़ ग्राहक: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ट्राई के ताजा डाटा के मुताबिक, 30 अप्रैल 2021 तक वोडाफोन-आइडिया के पास 28.19 करोड़ ग्राहक थे। डाटा के मुताबिक, अप्रैल में 18 लाख ग्राहकों ने वोडाफोन से नाता तोड़ा था। ग्राहकों की संख्या के लिहाज से वोडाफोन-आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। 42.76 करोड़ ग्राहकों के साथ रिलायंस जियो पहले और 35.29 करोड़ ग्राहकों के साथ भारती एयरटेल दूसरे नंबर पर है।

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