Vande Bharat Train Fare : वंदे भारत ट्रेनों के महंगे किराए का मुद्दा बुधवार को संसद में उठाया गया। लोकसभा में इस मसले पर पूछे गए एक सांसद के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि वंदे भारत का किराया भले ही आम मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों से ज्यादा हो, लेकिन यह चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों की हाई स्पीड ट्रेनों से काफी कम है। सरकार ने यह भी बताया कि भारत की सामान्य ट्रेनों का टिकट भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में कई गुना सस्ता है। रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रेनों का किराया तय करते समय लागत, सुविधाओं और ट्रेनों की यात्रियों को ढोने की क्षमता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।
लोकसभा सांसद ने पूछा सवाल
लोकसभा में सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर ने वंदे भारत ट्रेनों के किराए के बारे में सवाल पूछा। उन्होंने पूछा कि क्या ज्यादा किराया होने के कारण वंदे भारत ट्रेनें देश के मिडिल क्लास और कम आय वर्ग के लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं? उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि वंदे भारत के किराए सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में कितने अधिक हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए पूछा कि भारत में हाई स्पीड ट्रेनों का किराया किस तरह तय किया जा रहा है।
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रेल मंत्री ने क्या दिया जवाब
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में दिए लिखित जवाब में कहा,“भारतीय रेलवे अलग-अलग वर्ग के यात्रियों के लिए अलग-अलग तरह की ट्रेन सेवाएं चलाती है। किराया तय करते समय सेवा की लागत, दी जाने वाली सुविधाओं, वहन क्षमता और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर विचार किया जाता है।”
उन्होंने बताया कि वंदे भारत को एक अलग श्रेणी की सर्विस के तौर पर पेश किया गया है, जिसमें बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, तेज रफ्तार, ऑटोमैटिक दरवाजे, आरामदायक सीटें, मिनी पैंट्री, सीसीटीवी और ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली जैसी खूबियां शामिल हैं।
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पड़ोसी देशों से तुलना
रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल के सामान्य किराए की तुलना पड़ोसी देशों से भी की। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि भारत में साधारण श्रेणी का रेल किराया करीब 20 पैसे प्रति पैसेंजर किलोमीटर है, जबकि पाकिस्तान में यह 54 पैसे प्रति पैसेंजर किलोमीटर, बांग्लादेश में 37 पैसे प्रति पैसेंजर किलोमीटर और श्रीलंका में 51 पैसे प्रति पैसेंजर किलोमीटर है। इस तुलना के आधार पर सरकार ने कहा कि भारत में रेल यात्रा अब भी पड़ोसी देशों के मुकाबले कई गुना सस्ती है।
चीन, जापान, फ्रांस से कई गुना सस्ती है वंदे भारत ट्रेन
सरकार ने बताया कि अफोर्डेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए वंदे भारत ट्रेनों के किराए भी लागत से कम ही रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि वंदे भारत की एसी चेयर कार श्रेणी का किराया 300 से 400 किलोमीटर की दूरी के लिए औसतन 2.19 रुपये प्रति पैसेंजर किलोमीटर के आसपास है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि “यह किराया चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों की हाई स्पीड ट्रेनों से काफी कम है, जहां इस श्रेणी की ट्रेनों का किराया 7 रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति पैसेंजर किलोमीटर तक है।”
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सरकार का तर्क है कि आधुनिक सुविधाओं के बावजूद भारत में वंदे भारत का किराया अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से काफी कम रखा गया है। सरकार ने यह भी साफ किया कि वंदे भारत ट्रेनों में किराये में कोई रियायत नहीं दी जाती। केवल दिव्यांग यात्रियों के लिए हर ट्रेन की चेयर कार में चार सीटें आरक्षित रखी जाती हैं।
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सांसद ने अपने सवाल में वंदे भारत के किराए की तुलना देश की ही साधारण मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों से करने की मांग की थी। हालांकि सरकार के जवाब में सीधे तौर पर ऐसी तुलना नहीं की गई है। लेकिन रेल मंत्री के जवाब में साधारण श्रेणी का औसत किराया 20 पैसे प्रति पैसेंजर किलोमीटर बताया गया है। इसकी तुलना अगर वंदे भारत के 2.19 रुपये प्रति पैसेंजर किलोमीटर के किराए से करें, तो यह 10 गुना से ज्यादा बैठता है।
यात्रियों की संख्या और सब्सिडी
रेल मंत्रालय ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है और कई रूटों पर इनकी ऑक्यूपेंसी लगभग 100 प्रतिशत तक रहती है। सरकार के मुताबिक इससे यात्रियों की बदलती पसंद का संकेत मिलता है। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय रेलवे हर साल करोड़ों यात्रियों को सब्सिडी के साथ सफर कराती है।
उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2023-24 में यात्री परिवहन पर करीब 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, यानी जिस रेल सेवा की लागत 100 रुपये है, उसके लिए यात्रियों से औसतन 55 रुपये ही लिए जाते हैं।”
