ताज़ा खबर
 

‘सांस्कृतिक मुद्दे-भगवाकरण भारत में बड़े सुधारों को रोक रहे हैं’

संस्था ने कहा है कि मोदी सरकार ने महत्वपूर्ण सुधार किए है जिनमें सबसे महत्वूपर्ण जीएसटी विधेयक को पारित करवाना है।

Author वॉशिंगटन | September 23, 2016 6:53 PM
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (बाएं) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

अमेरिका के एक प्रमुख थिंकटैंक ने कहा है कि भारत में ‘सांस्कृतिक मुद्दों और भगवाकरण’ की वजह से आर्थिक क्षेत्र में बड़े सुधार नहीं हो पा रहे हैं और सिर्फ धीमी गति से बदलाव हो रहे हैं। उसने यह भी कहा कि केंद्र की राजग सरकार नए भारत की दिशा बढ़ने को लेकर अब तक उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाई है। भारत के महंगाई का मुकाबला करने का जिक्र करते हुए वाशिंगटन आधारित थिंकटैंक ‘हडसन इंस्टीट्यूट’ ने कहा कि अगर भारत बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने, बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने और लाल फीताशाही को कम करने पर जोर देता है तो उसके दोहरे अंक में विकास करने संभावना है।

‘मोदी टू ईयर्स ऑन’ नामक अपनी एक हालिया रिपोर्ट में इस थिंकटैंक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दो साल के कामकाज का विश्लेषण किया है और उसका कहना है कि सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण सुधारों की शुरुआत की है जिनमें जीएसटी विधेयक का पारित होना सबसे अहम है। उसने कहा कि पिछले महीने राज्यसभा द्वारा पारित विधेयक अखिल भारतीय स्तर पर बाजार पैदा करेगा जिसकी बहुत जरूरत है।

HOT DEALS
  • Honor 7X 64 GB Blue
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback
  • MICROMAX Q4001 VDEO 1 Grey
    ₹ 4000 MRP ₹ 5499 -27%
    ₹400 Cashback

थिंकटैंक ने गुरुवार (22 सितंबर) को कहा, ‘अगर भारत अपने ब्रिटिशकालीन रेल, सड़क और वायु परिवहन तथा बंदरगाह बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करे तथा पुननिर्माण करे, बिजली एवं पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार करे तथा अपने जटिल नौकरशाही वाले नियमों एवं नियमनों को सरल बनाए तो वह दोहरी संख्या में विकास कर सकता है।’ उसने कहा, ‘भारत को एक खुला, पुराने ढर्रे से अलग तथा बुनियादी तौर पर आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित समाज बनने की जरूरत है, लेकिन पिछले दो वर्षों में सांस्कृतिक मुद्दों और भगवाकरण की वजह से बड़े सुधार होने की बजाय धीमी गति से बदलाव हुए हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App