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खुशखबरी: निर्माण क्षेत्र के कामगारों को मिलेगा ESIC, EPF का फायदा, ऑटो, रिक्‍शा चलाने वालों को भी किया जाएगा शामिल

दत्तात्रेय ने आरोप लगाया कि निर्माण क्षेत्र से उपकर के तहत भारी रकम एकत्र करने के बाद भी राज्य इस धन का उपयोग नहीं कर रहे हैं।

Author September 20, 2016 6:41 PM
दत्तात्रेय ने कहा, “मजदूरों के संरक्षण के लिए 44 कानून हैं। इन्हें उचित ढंग से लागू किया जाना चाहिए।’’

केन्द्र सरकार ने ईएसआईसी और ईपीएफ के तहत लाभ का दायरा बढ़ाकर इसमें निर्माण क्षेत्र में लगे कामगारों को शामिल करने की योजना बनाई है, जबकि आटो और साइकिल रिक्शा चालकों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को एक चरणबद्ध तरीके से ईएसआईसी का लाभ मिलेगा। श्रम पर राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज यह खुलासा किया। हालांकि, दत्तात्रेय ने आरोप लगाया कि निर्माण क्षेत्र से उपकर के तहत भारी रकम एकत्र करने के बाद भी राज्य इस धन का उपयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ यह पैसा राज्य के पास जमा है, जबकि निर्माण क्षेत्र के कामगार उपेक्षित और शोषित हैं।’’ मंत्री ने कहा कि निर्माण क्षेत्र से उपकर के तौर पर राज्यों के पास पहले ही 27,886 करोड़ रुपए जमा हो चुका है और इन राज्यों द्वारा केवल 5,800 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। ‘‘ इसका मतलब है कि 22,086 करोड़ रुपए खर्च नहीं किए गए और राज्य सरकारों के खजाने में जमा हैं। भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कानून, 1996 के तहत आबंटित इस धन को निर्माण क्षेत्र के कामगारों के कल्याण के लिए विवेकपूर्ण ढंग से खर्च किया जाना चाहिए।’’

ओड़िशा का उदाहरण देते हुए दत्तात्रेय ने कहा कि यद्यपि इस राज्य के पास निर्माण क्षेत्र पर उपकर से 940 करोड़ रुपए है, इसने अभी तक केवल 120 करोड़ रुपए खर्च किया है। उन्होंने निर्माण कामगारों के लिए संचित निधि का अन्यत्र इस्तेमाल किए जाने पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘‘ यद्यपि इस कोष के खर्च के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश है, कुछ राज्य कामगारों को साइकिल दे रहे हैं जोकि इस प्राथमिकता सूची में नहीं है।’’ मंत्री ने कहा कि चूंकि निर्माण क्षेत्र अधिकतम रोजगार पैदा करता है, केन्द्र कामगारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाता रहा है। ‘‘ मजदूरों के संरक्षण के लिए 44 कानून हैं। इन्हें उचित ढंग से लागू किया जाना चाहिए।’’

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सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ‘‘ ओड़िशा ने निर्माण कामगारों के कल्याण के लिए 200 करोड़ रुपए खर्च किया है और हमारी योजना इस साल 500 करोड़ रुपए पार कर जाने की है।’’ सम्मेलन में छह राज्यों- ओड़िशा, बिहार, तेलंगाना, मेघालय, झारखंड और हरियाणा के श्रम मंत्री शामिल हुए।

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