Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी 2026 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट होगा। बजट से पहले जीरोधा के सीईओ नितिन कामथ ने Securities Transaction Tax (STT) को लेकर चिंता जाहिर की है।
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नितिन कामथ ने जताई चिंता
जीरोधा के सीईओ नितिन कामथ ने एक X (Twitter) पोस्ट पर लिखा, ‘एक मार्केट पार्टिसिपेंट के तौर पर, मुझे हमेशा उम्मीद रहती है कि बजट Securities Transaction Tax (STT) कम करेगा, लेकिन यह बढ़ता ही जा रहा है। STT तब शुरू किया गया था जब Long-Term Capital Gain (LTCG) को 0 कर दिया गया था, लेकिन अब जब LTCG वापस आ गया है।’
उन्होंने कहा, ‘बजट 2024 से 60% F&O STT बढ़ोतरी (फ्यूचर्स पर 0.0125% → 0.02% और ऑप्शंस पर 0.0625% → 0.1%) ने शुरू में वॉल्यूम पर ज्यादा असर नहीं डाला, बुल मार्केट में पार्टिसिपेशन बढ़ता रहा। लेकिन मार्केट में हमेशा बुल रन नहीं होता; इसका असर पिछले साल दिखा।’
उन्होंने आगे कहा, ‘FY 2025-26 के लिए अनुमानित STT कलेक्शन 78,000 करोड़ रुपये था। अब तक का कलेक्शन (11 जनवरी तक) 45,000 करोड़ रुपये है। अगर हम 31 मार्च तक 12,000 करोड़ रुपये और भी अनुमान लगाएं, तो कुल 57,000 करोड़ रुपये हो जाएगा, जो अनुमान से लगभग 25% कम है। मुझे लगता है कि 2024 की बढ़ोतरी के बिना सरकार बहुत ज्यादा कलेक्शन करती।’
क्या है STT?
यह भारत में शेयर, इक्विटी फ्यूचर, ऑप्शन जैसे प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री पर लगने वाला एक प्रत्यक्ष कर है, जिसे स्टॉक एक्सचेंज स्वचालित रूप से काटता है और सरकार को जमा करता है। इसका उद्देश्य ट्रेडिंग पर टैक्स कलेक्शन को आसान बनाना और पारदर्शिता लाना है।
क्या है LTCG?
LTCG (Long Term Capital Gain) यानी लंबी अवधि के बाद किसी संपत्ति को बेचने पर होने वाला मुनाफा, जिस पर टैक्स लगता है आसान शब्दों में कहें तो अगर आप कोई चीज खरीदकर लंबे समय तक रखते हैं और फिर बेचते हैं, तो जो फायदा होता है, वही LTCG कहलाता है।
