केंद्रीय बजट पेश होने में अब सिर्फ दो दिन बाकी है। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। पिछले बजट में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी थी। अब कारोबारी, युवा, टैक्सपेयर्स और किसानों हर किसी की नजर इस बात पर है।
बजट 2026 से जुड़ी अहम जानकारी
कब पेश होगा बजट?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी।
आप कहां और कैसे देख सकते हैं बजट लाइव?
आप इसे संसद टीवी और दूरदर्शन, यूट्यूब पर संसद टीवी, DD और PIB चैनल पर देख सकते हैं इसके साथ ही आपको जनसत्ता.कॉम पर हर बड़े एलान पर पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी।
कब से कब तक चलेगा बजट सत्र?
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
बजट से पहले गोल्ड-सिल्वर हुआ धड़ाम!
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी। इससे पहले सोने चांदी में गिरावट देखने को मिल रही है। यहां पढ़े पूरी खबर...
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बजट से उम्मीदें
Unix India के को-फाउंडर Imran Kagalwala ने कहा, 'यूनियन बजट 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ऐसी पॉलिसी निरंतरता और लक्षित समर्थन की तलाश में है जो सिर्फ़ स्केल बढ़ाने के बजाय घरेलू वैल्यू क्रिएशन को मजबूत करे। जबकि मेक इन इंडिया और PLI योजनाओं जैसी पहलों ने मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाया है, अगले चरण में लोकलाइज़ेशन को गहरा करने, सप्लाई-चेन लचीलेपन में सुधार करने और इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर डिवाइस सहित मिड-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग कैटेगरी में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। माइक्रो, स्मॉल या मीडियम स्केल ब्रांडों के लिए, विभिन्न मानदंडों के कारण PLI-लिंक्ड लाभों की अनुपस्थिति एक कमी बनी हुई है और ऐसी प्रबल उम्मीद है कि बजट या तो MSMEs तक PLI कवरेज का विस्तार करेगा या भारत की मैन्युफैक्चरिंग विकास गाथा में उनकी भागीदारी को सक्षम करने के लिए समकक्ष समर्थन तंत्र पेश करेगा।'
क्या है राजस्व घाटा?
सरकार जब के रोजमर्रा के खर्च (जैसे ब्याज सैलरी आदि) उसकी आमदनी (टैक्स और दूसरी आय) से ज्यादा हो जाते हैं, तो उसे राजस्व घाटा कहते हैं।
राजकोषीय घाटा क्या है?
राजकोषीय घाटा (फिस्कल डेफिसिट) का शाब्दिक अर्थ है, “राजकोष यानी सरकारी खजाने को होने वाला घाटा।” केंद्र सरकार के बजट के मामले में इसका मतलब ये है कि सरकार का कुल खर्च, उसकी कुल आमदनी के मुकाबले कितना अधिक है। खर्च और आय का ये अंतर जितना ज्यादा होगा, राजकोषीय घाटा भी उतना ही ज्यादा होगा।
क्या है विनिवेश?
सरकार जब अपने स्वामित्व (मालिकाना हक) वाली किसी सरकारी कंपनी की हिस्सेदारी आंशिक रूप से या फिर पूरी तरह बेच देती है, तो इस प्रोसेस को विनिवेश कहा जाता है।
क्या है प्रत्यक्ष कर?
प्रत्यक्ष कर ऐसे टैक्स हैं, जो व्यक्तियों, कंपनियों या संस्थाओं की आमदनी पर लगाए जाते हैं। प्रत्यक्ष कर सीधे सरकार के पास जमा कराने होते हैं। इसके मुख्य उदाहरण इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स हैं।
क्या है वित्त विधेयक?
कानूनी विधेयक के तौर पर संसद में पेश किया गया वह प्रस्ताव, जिसके जरिए सरकार नए टैक्स लगाने, पुराने टैक्स या टैक्स स्ट्रक्चर में किसी तरह का बदलाव करने के लिए संसद की मंजूरी हासिल करना चाहती है। वित्त विधेयक के रूप में तैयार किया गया यह प्रस्ताव सिर्फ लोकसभा में ही पेश किया जाता है। वित्त विधेयक का लोकसभा में पास होना उस सरकार का कायम रहने के लिए काफी जरूरी है। अगर वित्त विधेयक लोकसभा में रिजेक्ट हो जाता है तो उसे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होना माना जाता है। इसके बाद सरकार गिर जाती है।
बीमा की पहुंच घटती रही तो कैसे पूरा होगा ‘इंश्योरेंस फॉर ऑल’ का सपना, बजट में कुछ बड़ा करेगी सरकार?
सरकार और बीमा सेक्टर की रेगुलेटरी संस्था IRDAI देश में 2047 तक बीमा कवरेज का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि यह रास्ता आसान नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश में बीमा की पहुंच या पैठ लगातार कम हुई है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
Economic Survey: AI से जुड़ा बड़ा ऐलान, अनिश्चितता के दौर में भारत अपनाएगा एआई पर ‘स्टेप-बाय-स्टेप’ रणनीति
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया है। वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण में बढ़ती अनिश्चितताओं और सीमित संसाधनों के बीच भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रति एक सतर्क रुख अपनाने की वकालत की गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
सरकार के लिए बजट लाना क्यों है जरूरी?
किसी भी सरकार को अपनी आय को खर्चे के साथ संतुलित करना पड़ता है, इसके लिए सरकार को बजट बनाना होता है।
सोने और चांदी की कीमतों पर बजट का क्या होगा असर, कस्टम ड्यूटी घटाएगी सरकार?
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को भले ही इनकी कीमतों में कुछ करेक्शन नजर आया हो, लेकिन पिछले कुछ महीनों के दौरान इनके दाम लगातार नई ऊंचाइयां छूते रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के मन में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि आने वाले बजट का सोने और चांदी की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है? यहां पढ़ें पूरी खबर...
क्या है बजट, कब और कितने बजे किया जाएगा पेश? जानें हर सवाल का जवाब
1 फरवरी 2026 को मोदी सरकार 3.0 का तीसरा आम बजट पेश होगा। यूनियन बजट 2026-27 पर आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक सभी की निगाहें टिकी हैं। बजट में नई घोषणाएं क्या होंगी, इस पर चर्चा तो होगी ही, लेकिन उससे पहले बजट का बेसिक गणित समझना ज्यादा जरूरी है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर
Freyr Energy की को-फाउंडर और डायरेक्टर राधिका चौधरी के अनुसार, 'भारत जैसे-जैसे अपने नेट-जीरो कमिटमेंट और महत्वाकांक्षी रूफटॉप सोलर लक्ष्यों के करीब बढ़ रहा है, आने वाला केंद्रीय बजट विकेंद्रीकृत स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर देता है। हम उम्मीद करते हैं कि स्थिर इंसेंटिव, आसान GST स्ट्रक्चर और बेहतर फाइनेंसिंग मैकेनिज्म के जरिए रूफटॉप सोलर के लिए लगातार पॉलिसी सपोर्ट मिलेगा, जिससे घरों और MSMEs के लिए सोलर ज्यादा सुलभ हो सके।'
यहां से एक क्लिक में डाउनलोड करें इकोनॉमिक सर्वे 2025-26
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार किया गया यह दस्तावेज सरकार के वित्तीय प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड है। इसमें बताया जाता है कि पिछले वर्ष देश की जीडीपी, तरक्की या ग्रोथ कैसी रही। यहां पढ़ें पूरी खबर...
Budget Expectations 2026 Live Updates: क्या होम लोन, एचआरए और किरायेदारों को राहत मिलेगी?
घरों की बढ़ती लागत के साथ, होम लोन ब्याज कटौती और एचआरए छूट को लेकर अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। आम आदमी चाहता है कि बजट 2026 में धारा 24(बी) के तहत होम लोन ब्याज कटौती को बढ़ाया जाए और एचआरए की सीमा को मौजूदा किराये की दरों के अनुसार संशोधित किया जाए। इससे महानगरों में रहने वाले वेतनभोगी करदाताओं को बड़ी राहत मिल सकती है।
Budget 2026 : बजट में इनकम टैक्स सर्च से जुड़े प्रावधानों में होगा सुधार?
बजट 2026 से पहले नए इनकम टैक्स कानून के सर्च और सीज़र से जुड़े नियमों की चर्चा भी हो रही है। सवाल यह है कि टैक्स अधिकारियों को टैक्स चोरी पकड़ने के नाम पर किसी व्यक्ति की प्राइवेसी में किस हद तक दखल देने का अधिकार होना चाहिए। इसी मुद्दे पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की शीर्ष संस्था आईसीएआई (ICAI) ने सरकार को इनकम टैक्स एक्ट 2025 के सेक्शन 247 में बदलाव का सुझाव दिया है। ICAI का कहना है कि तलाशी के दौरान टैक्स अधिकारियों का अधिकार केवल टैक्सपेयर के ई-मेल की जांच तक ही सीमित रहना चाहिए, ताकि उनकी प्राइवेसी सुरक्षित रहे। यहां पढ़ें पूरी खबर...
बजट में EPF, NPS और FD से जुड़े नियमों में होंगे बड़े बदलाव?
बजट 2026 में क्या सरकार बचत बढ़ाने और पेंशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकती है? इस सवाल की वजह है SBI रिसर्च की एक ताजा रिपोर्ट में दिए गए अहम सुझाव, जिनमें एंप्लाईज प्रॉविडेंट फंड (EPF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और बैंक डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बड़े बदलावों की सिफारिश की गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
एजुकेशन सेक्टर को बजट से उम्मीदें
VES कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के प्रिंसिपल डॉ. प्रो. आनंद आचारी ने कहा, 'जैसे-जैसे यूनियन बजट 2026 पर चर्चाए तेज हो रही हैं, शिक्षा क्षेत्र (जिसमें आर्किटेक्चर जैसे खास विषय भी शामिल हैं) के पास पहुंच और नामांकन पर प्राथमिक ध्यान से आगे बढ़कर नतीजों, प्रासंगिकता और रोजगार क्षमता को बेहतर बनाने का एक सही मौका है। भारत के शहर, इंफ्रास्ट्रक्चर और बनी हुई जगहें तेजी से बदल रही हैं, इसलिए आर्किटेक्चर की शिक्षा को उभरती हुई टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाकर विकसित होना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'आर्किटेक्चर संस्थानों के लिए, इस विकास का मतलब है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (BIM) जैसे एडवांस्ड टूल्स को मुख्य पाठ्यक्रम में गहराई से शामिल करना। इसी तरह, सस्टेनेबल, जलवायु-लचीले और संसाधन-कुशल डिजाइन के बारे में शिक्षा को मज़बूत करना भी उतना ही जरूरी है, ये ऐसी क्षमताएं हैं जो अब वैकल्पिक नहीं हैं, बल्कि भारत के शहरी विकास, पर्यावरणीय चुनौतियों और नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जरूरी हैं। बजट में ऐसा सपोर्ट जो संस्थानों को डिजिटल टूल्स, सॉफ्टवेयर और प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग में निवेश करने में मदद करे, इस बदलाव को काफी तेजी से आगे बढ़ा सकता है।
हमें उम्मीद है कि यूनियन बजट 2026 गुणवत्ता, कौशल और इंडस्ट्री इंटीग्रेशन पर इस फोकस को मजबूत करेगा, जो भारत के लिए सस्टेनेबल और इनोवेटिव निर्मित वातावरण को आकार देने में सक्षम भविष्य के लिए तैयार कार्यबल बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।'
Economic Survey 2025-26: आर्थिक सर्वेक्षण ने दिखाईं 2026 की 3 तस्वीरें
आर्थिक सर्वेक्षण ने मौजूदा साल का ऐसा खाका पेश किया है, जो उम्मीद जगाने के साथ ही साथ आने वाले समय के खतरों से आगाह भी करता है। इसमें भारत जहां अपनी मजबूत आर्थिक नींव के दम पर मजबूती से खड़ा है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय उठापटक और फाइनेंशियल मार्केट्स में अस्थिरता की चर्चा भी की गई है। आसान शब्दों में कहें तो आर्थिक सर्वेक्षण ने बताया है कि साल 2026 के दौरान दुनिया को मुख्य तौर पर तीन तरह के हालात या ‘सिनैरियो’ का सामना करना पड़ सकता है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
इस बजट में 15 लाख तक टैक्स फ्री होगी इनकम?
हर साल बजट से पहले मिडिल क्लास की नजरें टैक्स में मिलने वाली राहत पर टिकी होती हैं। बजट 2026 भी इससे अलग नहीं है। इस बार सबसे ज्यादा फोकस इनकम टैक्स के सेक्शन 87A पर है, जिसने पिछले साल न्यू टैक्स रिजीम के तहत आम टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। सवाल यही है कि क्या इस बार सरकार इस सेक्शन के तहत टैक्स फ्री इनकम की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक ले जा सकती है, या फिर सरकार की आर्थिक मजबूरियां उम्मीदों पर पानी फेर देंगी। यहां पढ़ें पूरी खबर...
नए बजट से कृषि क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें
देश का कृषि क्षेत्र एक बार फिर बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को जब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नया बजट पेश करेंगी, तब किसानों, एग्री-बिजनेस और कृषि बाजार से जुड़े स्टेकहोल्डर्स की नजर इस बात पर होगी कि इस बार सरकार किसानों की आमदनी और खेती की ग्रोथ रेट बढ़ाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। यहां पढ़ें पूरी खबर...
कब से कब तक चलेगा बजट सत्र ?
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
कब पेश होगा बजट?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी।
