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Budget 2019: आधार से फाइल होगा ITR, नहीं पड़ेगी PAN की जरूरत- निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री के मुताबिक, "120 करोड़ से अधिक भारतीयों के पास अब आधार कार्ड्स हैं। ऐसे में करदाताओं को आसानी हो, इसलिए मैं प्रस्ताव रखती हूं कि पैन कार्ड और आधार कार्ड को इंटरचेंजेबल बनाया जाए और जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें आसानी से केवल आधार कार्ड नंबर के जरिए आईटीआर फाइल करने का मौका दिया जाए।"

Author नई दिल्ली | Updated: July 5, 2019 1:54 PM
संसद में शुक्रवार (पांच जुलाई, 2019) को केंद्रीय बजट पेश करने से पहले उसे लेकर जाती वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटोः एपी)

आने वाले दिनों में इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने के लिए पर्मानेंट अकाउंट नंबर (पैन) की जरूरत संभवतः नहीं पड़ेगी। यह काम आधार संख्या के जरिए भी कराया जा सकेगा। यही नहीं, आधार संख्या को पैन की जगह और कामों के लिए भी प्रयोग में लाया जा सकेगा। ये बातें शुक्रवार (पांच जुलाई, 2019) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट भाषण के दौरान कहीं।

वित्त मंत्री के मुताबिक, “120 करोड़ से अधिक भारतीयों के पास अब आधार कार्ड्स हैं। ऐसे में करदाताओं को आसानी हो, इसलिए मैं प्रस्ताव रखती हूं कि पैन कार्ड और आधार कार्ड को इंटरचेंजेबल बनाया जाए और जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें आसानी से केवल आधार कार्ड नंबर के जरिए आईटीआर फाइल करने का मौका दिया जाए। जहां भी उन लोगों को पैन की जरूरत पड़े, वे उसकी जगह पर आधार इस्तेमाल कर सकें।”

‘प्रवासी भारतीयों को आधार के लिए नहीं करना होगा 180 दिन इंतजार’: वित्त मंत्री ने भारतीय पासपोर्ट रखने वाले प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को देश में आने पर तुरंत आधार कार्ड जारी करने का प्रस्ताव किया है। बता दें कि मौजूदा समय में आधार के लिए एनआरआई को 180 दिन का इंतजार करना होता है। वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए सीतामरण ने कहा, ‘‘मैं भारतीय पासपोर्टधारक प्रवासी भारतीयों को भारत आने पर आघार कार्ड जारी करने पर विचार का प्रस्ताव करती हूं। इसके लिए उन्हें अनिवार्य 180 दिन की अवधि का इंतजार नहीं करना होगा।’’ भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 31 मई, 2019 तक कुल 123.82 करोड़ आधार कार्ड जारी किए थे।

कैसा है इंडिया का बजट?: “गांव, गरीब और किसान” व हर नागरिक के जीवन को “अधिक सरल” बनाने के मकसद से पेश किए गए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है। बजट में बुनियादी आर्थिक व सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए हैं।

सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के बजट भाषण में कहा- हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने पहले कार्यकाल में ‘न्यू इंडिया’ के लिए काम शुरू कर दिया था। अब इन कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी और आगे चलकर लालफीताशाही को और कम किया जाएगा।

बजट में देश के तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों और दुकानदारों को पेंशन सुविधा के तहत लाने की भी घोषणा की गई है। वह आगे बोलीं- डेढ़ करोड़ रुपए से कम के सालाना कारोबार वाले तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों और दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

एक नजर में जानें इंडिया का बजटः

– अमीरों पर टैक्स बढ़ा है
– पेट्रोल-डीजल एक रुपए महंगा हुआ
– सोने व अन्य बेशकीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी भी बढ़ी
– बैंकों का विलय, अब सिर्फ आठ ही सरकारी बैंक
– 4 साल में 4 लाख करोड़ रुपए की वसूली

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