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Ola कैब के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची उबर, जानें क्यों?

मोबाइल एप के जरिए टैक्सी बुक कराने की सुविधा देने वाली कम्पनी उबर कैब ने ओला कैब के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है और जवाब तलब करने को कहा है।

Author नई दिल्ली | March 24, 2016 2:40 AM
ओला माइक्रो सेवा को 14 नए शहरों में बढ़ा दिया गया है। माइक्रो अब देश के 27 शहरों में उपलब्ध है। (फाइल फोटो)

मोबाइल एप के जरिए टैक्सी बुक कराने की सुविधा देने वाली कम्पनी उबर कैब ने ओला कैब के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है और जवाब तलब करने को कहा है। बता दें कि उबर ने अप्रैल से दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में केवल सीएनजी कैब चलाने का ऐलान किया है।

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने आज ओला की उन गाड़ियों को हरी झंडी दिखायी जो डीजल गाड़ियों को हटाकर लाई गयी हैं, इसके साथ ही कम्पनी ने ऐलान किया कि 1 अप्रैल से दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उसकी सभी 26 हजार गाड़ियां CNG बेस्ड होगी।

दरअसल, ऊबर ने याचिका में आरोप लगाया है कि ओला कैब अपनी प्रतिद्वंदी कपनी ऊबर को नुकसान पहुंचाने के लिए गलत तरीकों का प्रयोग कर रही है। उसे ऐसा करने से रोका जाए। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ओला कैब कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाई कोर्ट ने ओला कैब कंपनी को दो हफ्ते के भीतर अपना जवाब दायर करने को कहा है।

ऊबर कंपनी का कहना है कि उनकी प्रतिद्वंदी कंपनी ओला कैब इंटरनेट से उनकी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर उस पर टैक्सी की बुकिंग करवाती है और बाद में उसे कैंसिल करवा देती हैं। इससे उन्हें अपने टैक्सी चालकों को कैंसिलेशन चार्ज देना पड़ता है। इससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस कार्य में ओला कंपनी के कुछ कर्मचारी और उनके एजेंट शामिल हैं। लिहाजा, इस तरह के गलत तरीकों का इस्तेामाल करने से ओला कंपनी को रोका जाए।

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