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उबर ने बलात्कार पीड़िता के मेडिकल रिकॉर्ड्स हासिल करने वाले एशिया पैसिफिक हेड को निकाला

अधिकारी ने 2014 में बलात्कार की शिकार हुई 26 वर्षीय एक युवती के मेडिकल रिकॉर्ड को कथित तौर पर हासिल कर लिया था

Author June 8, 2017 2:07 PM
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी उबर ने अपने उस वरिष्ठ अधिकारी को हटा दिया है जिसने 2014 में बलात्कार की शिकार हुई 26 वर्षीय एक युवती के मेडिकल रिकॉर्ड को कथित तौर पर हासिल कर लिया था। टेक्नोलॉजी न्यूज वेबसाइट रेकोड की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के एशिया प्रशांत के अध्यक्ष एरिक एलेक्जेंडर को मंगलवार को नौकरी से निकाल दिया गया है ठीक उसी प्रकार से जैसे उसने पिछले कुछ महीनों में अपने 20 कर्मचारियों को उत्पीड़न, भेदभाव और अनुचित व्यवहार के आरोपों पर निकाला था।

रिपोर्ट के अनुसार एलेक्जेंडर ने उस महिला के मेडिकल रिकॉर्ड हासिल कर लिए थे जिसके साथ उबर चालक शिव कुमार यादव ने दिसंबर 2014 में बलात्कर किया था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि एलेक्जेंडर ने ये मेडिकल रिपोर्ट उबर के सीईओ ट्राविस क्लानिक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमिल माइकल को दिखाई थी। इसके बाद कंपनी के अनेक अधिकारियों को या तो ये रिकॉर्ड दिखाए गए या उसके बारे में बताया गया था। न्यूज वेबसाइट ने एलेक्जेंडर की इस हरकत के बारे में पूछने के लिए कंपनी से संपर्क किया तो उसे बताया कि एलेक्जेंडर अब उनकी कंपनी में नहीं है।

बता दें कि 26 वर्षीय महिला के साथ उबर कैब ड्राइवर ने रेप किया था। लड़की रात को गुड़गांव में एक पार्टी से वापस घर लौट रही थी। इसके लिए उसने उबर कैब बुक की थी। यह घटना रात को करीब 9.30 बजे हुई थी। महिला गुड़गांव की एक फाइनेंस कंपनी में काम करती थी, जो दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में रहती थी। पुलिस ने बताया था कि महिला 7 बजे शिफ्ट खत्म हो जाने के बाद कुछ दोस्तों के साथ डिनर पार्टी में गई थी। एक दोस्त ने पार्टी के बाद उसे वसंत विहार छोड़ दिया था, जहां से महिला ने घर के लिए कैब बुक की थी।  घटना के बाद भारतीय सरकार ने कंपनी पर जून 2015 तक दिल्ली में कैब संचालित करने पर रोक लगा दी थी। दिल्ली कोर्ट ने आरोपी ड्राइवर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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