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IL&FS फर्जीवाड़े में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां भी शामिल, गिफ्ट में दिए गए एक से बढ़कर महंगे तोहफे!

जांच में उच्च रेटिंग पाने के लिए आईएलएफएस के प्रबंधन में शामिल पूर्व शीर्ष अधिकारियों द्वारा रेटिंग एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों को कई तरह के लालच देने के संदिग्ध प्रयास की जानकारी भी सामने आई है।

Author नई दिल्ली | Published on: July 20, 2019 10:18 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

माली संकट से जूझ रही आईएलएफएस ने अपनी रेटिंग बेहतर कराने के लिए रेटिंग एजेंसियों के बड़े अधिकारियों, प्रबंधकों और उनके परिवार के सदस्यों को रीयल मैड्रिड के फुटबाल मैच की टिकटें, लक्जरी विला पर भारी छूट, कमीजें, फिटबिट बैंड जैसे कई महंगे तोहफे दिए। आईएलएफएस घोटाले से जुड़ी जांच में यह बात सामने आई है। दो रेटिंग एजेंसियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।

जांच में उच्च रेटिंग पाने के लिए आईएलएफएस के प्रबंधन में शामिल पूर्व शीर्ष अधिकारियों द्वारा रेटिंग एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों को कई तरह के लालच देने के संदिग्ध प्रयास की जानकारी भी सामने आई है। सरकार द्वारा नियुक्त आईएलएफएस के नए निदेशक मंडल ने ग्रांट थॉर्टन को कंपनी के फॉरेंसिक ऑडिट का काम सौंपा था। इस जांच में समूह द्वारा करीब 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान में असफल रहने और समूह के पिछले शीर्ष प्रबंधन द्वारा संदिग्ध तौर पर गलत काम करने की पहचान हुई है।

अंतरिम फॉरेंसिक ऑडिट में रेटिंग एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा की गई है। ग्रांट थॉर्टन ने कई ऐसे मामलों का जिक्र किया है जब कंपनी के प्रबंधन ने रेटिंग एजेंसी के सीनियर अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को कई तरह के तोहफे दिए। इस संबंध में दोनों तरफ से हुए कई ईमेल में बातचीत भी हुई। बता दें कि आईएलएफएस समूह को रेटिंग देने वालों में केयर, इक्रा, इंडिया रेटिंग्स और ब्रिकवर्क एजेंसियां प्रमुख हैं।

जांच में पाया गया कि आईएलएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएफआईएन) के पूर्व मुख्य कार्यकारी रमेश बावा ने फिच रेटिंग्स के दक्षिण एवं दक्षिण एशिया के संस्थान प्रमुख अंबरीश श्रीवास्तव की पत्नी को एक विला खरीदने में मदद की, साथ ही उन्हें भारी छूट दी। बावा ने यूनिटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चंद्रा से निजी तौर पर इसमें शामिल होकर श्रीवास्तव की पत्नी के मामले को सुलझाने के लिए कहा। श्रीवास्तव की पत्नी को इस विला की खरीद पर देरी से भुगतान को लेकर ब्याज के मामले का सामना करना पड़ा था।

कंपनी के एक और मेल में पाया गया कि ब्रिकवर्क रेटिंग्स के संस्थापक और डायरेक्टर डी. रविशंकर ने अरुणा साहा को धन्यवाद भेजा। साहा उस समय आईएफआईएन के संयुक्त निदेशक थे। साहा ने रविशंकर को उनके बेटे साथ स्पेन के मैड्रिड में रीयल मैड्रिड का फुटबाल मैच देखने के लिए टिकट उपलब्ध कराए थे। एक और ई मेल में साहा आईएलएफएस के अफसर सुजॉय दास से केयर के प्रबंध निदेशक राजेश मोकाशी के लिए उनकी पसंद का फिटबिट बैंड खरीदने के लिए कह रहे हैं।

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